बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद दस हजार करोड़ रुपए के टर्नओवर को पार कर गई है। इस बात की जानकारी खुद रामदेव ने गुरुवार (4 मई) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। रामदेव ने कहा, ”2016-17, पतंजलि का टर्नओवर 10561 करोड़ हुआ। टर्नओवर सुनकर विदेशी कंपनियों को कपालभाति करना होगा। हमारा मुनाफा 100 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। दिव्य फार्मेसी का टर्नओवर 870 करोड़ है। बाबा ने यह भी घोषणा की कि उनके बाद पतंजलि का उत्तराधिकारी कोई व्यापारी नहीं, बल्कि उनके जैसा कोई ‘सन्यासी’ होगा। रामदेव ने दावा किया कि एक-दो साल में पतंजलि भारत का सबसे बड़ा ब्रांड हो जाएगा। रामदेव के भाषण की कुछ झलकियां उनके ट्विटर अकाउंट पर भी डाली गईं। इन्हीं में से एक ट्वीट में व्याकरण व भाषा की गलतियों ने रामदेव को यूजर्स के निशाने पर ला दिया। रामदेव के अकाउंट से ट्ववीट किया गया, ”पतंजलि fassi के मफदण्डों को पूरा करती है, हमारा लक्ष्य मुनाफ़ा नहीं है । हमारे उत्पादों की शुद्धता पर कोई आरोप नही लगा सकता।” इसमें मफदण्डों गलत लिखा हुआ है, सही शब्द मापदण्डों है। इसके अलावा FSSAI को fassi लिखने का भी यूजर्स ने खूब मजाक उड़ाया। दरअसल FSSAI, Food Safety and Standards Authority of India का संक्षिप्त रूप है जो भारत में खाद्य पदार्थों के मानकीकरण की नियामक संस्था है।
https://twitter.com/yogrishiramdev/status/860029676512698368
रामदेव के इस ट्वीट पर यूजर्स ने उन्हें घेर लिया। मनु ने कहा, ”Fassi नहीं Fssai होता है, ट्वीट में तो मिलावट मत करिये।” सागर तंवर ने कहा, ”पतंजलि के प्रोडक्ट पर कोई दूसरा आरोप नही लगा सकता इसलिए पतंजलि प्रोडक्ट जांच मे खुद ही फेल हो जाते है।” सिद्धार्थ ने लिखा, ”मफदण्ड या मापदण्ड? आपके ट्वीट में भी मिलावट निकली। अशुद्ध हिन्दी भाषा।” राजू ने कहा, ”बताइये…साबुन, तेल और दंतमंजन बेचने वाला बाबा उपाधि बाँटने लगा…वैसे ये अपमान किसका हुआ? मोदी या उपाधि का? या फिर देश के पीएम पद का?” एक अन्य ट्रोल अकाउंट से लिखा गया, ”बाबाजी Fassi नहीं FSSAI होता है और मफदण्ड़ो नही पर मापदंड़ होता है। ट्वीट में तो मिलावट मत किजिए।”
देखें रामदेव के ट्वीट पर यूजर्स के मजेदार रिएक्शन: ‘
Fassi नहीं Fssai होता है, ट्वीट में तो मिलावट मत करिये। ?? pic.twitter.com/5EYGZlkjSb
— Manu Azad (@manuazad_) May 4, 2017
https://twitter.com/BeVoterNotFan/status/860047966039617536
पतंजलि के प्रोडक्ट पर कोई दूसरा आरोप नही लगा सकता इसलिए पतंजलि प्रोडक्ट जांच मे खुद ही फेल हो जाते है। क्यों ढोंगी सलवारी बाबा जी
— Anahat?? (@AnahatSagar) May 4, 2017
Hansi to Fassi..!!!???
Babaji aankh maarne se fursat mile to FSSAI likhna seekh lena..https://t.co/aLY5E8SvLH— Nida (@nidaedu) May 4, 2017
https://twitter.com/sidmishra15/status/860056754255560704
बाबा जी, ठीक है की आपके उत्पादों की शुद्धता पर कोई आरोप नहीं लगा सकता पर आपके आउटसोर्स वाले उत्पादों की शुद्धता की गारंटी पर शक तो बनता है ?
— संतोष नेगी राठी??मुंड कु नौं कपाल?? (@GapodiNumberOne) May 4, 2017
बताइये…साबुन, तेल और दंतमंजन बेचने वाला बाबा उपाधि बाँटने लगा…वैसे ये अपमान किसका हुआ? मोदी या उपाधि का? या फिर देश के पीएम पद का ?
— Raju Yadav (Advocate) (@Rajusamajwadi) May 4, 2017
FSSAI होता है स्वामी जी। कृप्या त्रुटि पर ध्यान दें।
— Ajeet Singh(मोदी का परिवार) (@Ajeetvijaysingh) May 4, 2017
https://twitter.com/IAmKamlesh_/status/860040423452008448
गाजीपुर में आपका स्टोर जहा MRP पर सामान बेचता है, वहीँ अन्य दुकानदार 5% से 20% की छूट पर आपका उत्पाद बेच रहे है,आखिर कौन मुनाफा कमा रहा है ?
— PIYUSH KANT TIWARI (@PTPIYUSHKANT) May 4, 2017
आपको FASSI मिलने पर हार्दिक शुभकामनाएं, बाबाजी ।
— Nil Nisi Bonum (@TanupamAkuli) May 4, 2017
You mean ???? pic.twitter.com/XqmCXjd6VN
— Rational Banda (@RationalityFirs) May 4, 2017

