दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खादी ग्राम उद्योग आयोग (KVIC) द्वारा साल 2017 के लिए प्रकाशित कैलेंडर और टेबल डायरी से राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की तस्‍वीर हटाए जाने पर आपत्ति जताई है। कैलेंडर के कवर फोटो और डायरी में बड़े से चरखे पर खादी कातते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्‍वीर है। मोदी की तस्‍वीर गांधी के सूत कातने वाले क्‍लासिक पोज में है। जहां एक साधारण से चरखे पर अपने ट्रेडमार्क पहनावे में खादी बुनते गांधी की ऐतिहासिक तस्‍वीर थी, वहां अब कुर्ता-पायजामा-वेस्‍टकोट पहने मोदी नया चरखा चलाते दिखते हैं। इस पर केजरीवाल ने ट्वीट पर मोदी को ‘उपहास का पात्र’ हुए कहा, ”गांधी बनने के लिए कई जन्मों की तपस्या करनी पड़ती है। चरख़ा कातने की ऐक्टिंग करने से कोई गांधी नहीं बन जाता, बल्कि उपहास का पात्र बनता है।’ KVIC प्रबंधन के इस फैसले से कर्मचारी भी नाराज हैं, बुधवार को उन्‍होंने विले-पार्ले मुख्‍यालय में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का फैसला किया और भोजनावकाश के समय मुंह पर काली पट्टी बांधी। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर यूजर्स की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। शुक्रवार को #चरखा_चोर_मोदी हैशटैग टॉप ट्रेंड्स में रहा है।

अरविंद केजरीवाल ने मोदी पर निशाना साधने की कोशिश की, मगर लोगों ने उन्‍हें जवाब में एक तस्‍वीर दिखाई। ठंड के दिनों में चरखा चलाते केजरीवाल की यह तस्‍वीर करीब दो साल पुरानी है। यूजर्स ने फोटो शेयर कर पूछा कि ‘अगर मोदी एक्टिंग कर रहे हैं, तो आप क्‍या कर रहे हैं।’ एक यूजर ने लिखा, ”जनता के साथ धोखाधड़ी करना/उल्लू बनाना/लूटना/PM से अधिक salary/झूठ बोलने में आपकी कितने जन्मो की तपस्या है?”

https://twitter.com/WoCharLog/status/819560624925671424

https://twitter.com/TajinderBagga/status/819635788321267715

https://twitter.com/rishibagree/status/819591707389992961

इससे पहले ट्विटर यूजर्स ने मोदी को भी निशाने पर लिया था। एक यूजर ने गांधी और मोदी की तस्‍वीरें शेयर करते हुए पहले को ‘राष्‍ट्रपिता’ तो दूसरे को ‘भाषण का बाप’ बताया। कई यूजर्स ने खादी और गांधी को अलग-अलग करने पर गुस्‍सा जाहिर किया है। सैयद मकबूल लिखते हैं, ”गांधी और गांधी अलग नहीं किए जा सकते। बाप की एक भी तस्‍वीर के बगैर कैलेंडर और डायरी छापने का फैसला गांधीवादियों को तकलीफ देगा।”

संदीप ने कहा, ‘सरकार की ओर से इस तरह महात्मा गांधी के दर्शन, विचारों और आदर्शों को खारिज किए जाने से हम दुखी हैं।’ एक अन्‍य यूजर ने कहा, ‘महात्मा गांधी की फोटो हटा सकते हो, पर #चरखा_चोर_मोदी आप उनके विचारों को कभी मिटा नहीं सकते।’