केरल के रहने वाले हेमंत जोसेफ ने एपल के ओपरेटिंग सिस्टम में खामी ढूंढ़ते हुए आईपैड के एक्टीवेशन लॉक को बायपास कर दिया। हेमंत ने आईओएस 10.1 वर्जन में बग की पहचान की। एपल के आईफोन या आईपैड के एक्टीवेशन लॉक को हैक कर पाना बहुत मुश्किल है। केवल लॉक करने वाला शख्स ही इसे खोल पाता है। हेमंत ने लॉक किए हुए आईपैड के एक्टीवेशन लॉक को सेटअप प्रोसेस में कमजोरी के जरिए बायपास किया। जब उनसे वाई-फाई नेटवर्क के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अन्य नेटवर्क चुना और कनेक्ट करने के लिए WPA2 एंटरप्राइज को सलेक्ट किया। इससे उन्हें तीन ऑप्शन, नाम, यूजरनेम और पासवर्ड, मिले।
टेस्टिंग के बाद उन्हें पता चला कि उन ऑप्शन में अक्षर टाइप करने की कोर्इ सीमा नहीं था। इस पर उन्होंने हजारों शब्द एंटर कर दिए। उन्होंने सोचा कि इससे सॉफ्टवेयर क्रैश कर जाएगा। लेकिन इससे आईपैड फ्रीज हो गया। इस पर हेमंत ने एपल के मेग्नेटिक स्मार्ट कवर को हटाकर इसे लॉक कर दिया। कवर हटाने के बाद डिवाइस उसी स्क्रीन पर रही लेकिन कुछ सैकंड बाद क्रैश हो गई और वहां आईओएस की होम स्क्रीन आ गई। इस पर हेमंत ने एक्टीवेशन लॉक को बायपास करते हुए फुल एक्सेस ले लिया। इस बग को पिछले महीने दुरुस्त किया गया।
हेमंत जोसेफ की वेबसाइट के अनुसार वह वर्तमान में स्लैश सिक्योर नाम की कंपनी में सूचना सुरक्षा रिसर्चर हैं। साथ ही केरल पुलिस साइबरडोम में कमांडर के पद पर भी हैं। वे भारत के पहली ओपन सिक्योरिटी कम्युनिटी 0SecCon के संस्थापक भी हैं। हेमंत का नाम गूगल के हॉल ऑफ फेम में भी शामिल है। गूगल क्लाउड प्लेटफॉर्म में एक गड़बड़ी बताने पर उन्हें 7500 डॉलर का पुरस्कार भी मिला था।
