MOBILE NUMBER PORTABILITY: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मंगलवार (4 दिसंबर 2019) को मोबाइल नंबर पोर्टिबिलिटी (एमएनपी) से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया। नियमों में बदलाव के जरिए एमएनपी सर्विस को समय की बचत वाला और पहले से ज्यादा आसान बनाने की कोशिश की गई है। नए नियमों में सबसे खास है तीन दिनों के भीतर सर्विस एरिया में पोर्ट की सुविधा। वहीं सर्विस एरिया से बाहर होने पर पोर्ट करवाने में पांच दिन का समय निर्धारित किया गया है।

ट्राई के निर्देशानुसार 16 दिसंबर से आवेदन के तीन दिन के भीतर एमएनपी की सुविधा देना कंपनियों के लिए अनिवार्य हो जाएगा। मौजूदा नियमों के मुताबिक कंपनियों को इसके लिए आवेदन की तारीख से 15 दिन का समय दिया जाता है। ट्राई के इस फैसले से उन ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है जो अपना नंबर पोर्ट करवाने की सोच रहे हैं।

ट्राई ने एक बयान में कहा ‘इंटरा-लाइसेंस्ड सर्विस एरिया वाले पोर्ट आवेदन तीन दिन के भीतर तो वहीं इंटर लाइसेंस सर्विस एरिया और कॉर्पोरेट कैटिगरी वाले पोर्ट आवेदनों के लिए कुल पांच दिन का समय तय किया गया है।

टेलेकॉम ऑपरेटर्स और एमएनपी सर्विस प्रोवाइडर्स को सब्सक्राइबर्स के आवेदन को एक ही सर्किल में पोर्ट कराने के लिए चार दिन का समय दिया जाता है। ट्राई के मुताबिक मौजूदा नियमों के मुताबिक पोर्ट कराने की सुविधा 9 दिसंबर तक जारी रहेगी। 10 दिसंबर से 15 दिसंबर तक इस सेवा को बंद कर दिया जाएग। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि ऑपरेटर्स और एमएनपी प्रोवाइडर नए नियमों के तहत अपने सिस्टम, सॉफ्टवेयर आदि में बदलाव करेंगे।

बता दें कि इससे पहले ट्राई ने बीते महीने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सेवा प्रदाताओं (एमएनपीएसपी) द्वारा दी जाने वाली पोर्ट करने की सेवाओं के लिए प्रत्येक लेनदेन पर शुल्क में करीब 66 प्रतिशत की कटौती की थी। ट्राई ने मंगलवार को प्रस्ताव किया कि एमएनपी सेवा के लिए शुल्क दर 6.46 रुपए तय की गई। ये नियम 11 नवंबर, 2019 से लागू किया गया है।