विंडोज 10 को सुरक्षित और बगमुक्त बनाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज बग बाउंटी कार्यक्रम का नया दौर घोषित किया है, जिसके तहत बग ढूंढनेवाले को 2,50,000 डॉलर का इनाम दिया जाएगा, अगर वे माइक्रोसॉफ्ट वर्चुअलाइजेशन सॉफ्टवेयर में बग ढूंढ निकालते हैं। बग ढूंढने वाले को 500 से लेकर 2,50,000 डॉलर दिए जाएंगे।
माइकोसॉफ्ट ने बग ढूंढने का कार्यक्रम साल 2012 से ही शुरू किया था। अब इसका विस्तार विंडोज 10 के लिए भी कर दिया गया है।
कंपनी की वेबसाइट पर बुधवार देर रात को डाले गए एक पोस्ट के मुताबिक किसी भी महत्वपूर्ण बग कोड निष्पादन, विशेषाधिकार या डिजायन दोषों की उन्नति, जोकि ग्राहक की निजता और सुरक्षा को खतरे में डालती है उसकी जानकारी देने पर इनाम दिया जाएगा।
कंपनी ने घोषणा करते हुए कहा, “अगर कोई शोधकर्ता ऐसी बग की रिपोर्ट करता है, जिसके बारे में माइक्रोसॉफ्ट को पहले से ही पता है, तो उसकी जानकारी सबसे पहले देने वाले को उच्चतम रकम का अधिकतम 10 फीसदी दिया जाएगा।”
अन्य प्रौद्योगिकी कंपनियों जैसे गूगल, फेसबुक और एपल ने अपने-अपने सॉफ्टवेयरों में बग और दोष का पता लगाने वालों को इसी प्रकार से इनाम देती है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले ‘जूडी’ नाम के मालवेयर से 3.65 करोड़ एंड्रायड फोन के प्रभावित होने पर गूगल ने एंड्रायड ओएस में बग ढूंढने वाले को 2 लाख डॉलर ईनाम देने का ऐलान किया था। साइबर सुरक्षा फर्म चेक प्वाइंट के मुताबिक, प्ले स्टोर से दर्जनों मालवेयर एप 45 लाख से 1.85 करोड़ बार तक डाउनलोड किए गए। इनमें से कई मालवेयर एप तो कई सालों से प्ले स्टोर पर हैं।
प्रौद्योगिकी वेबसाइट एक्सट्रीमटेक डॉट कॉम की शुक्रवार की रिपोर्ट के मुताबिक मोबाइल में मालवेयर और सुरक्षा उल्लंघन की ज्यादातर घटनाएं पुराने ओएस बिल्ड वाले फोन में पाई गई है। एंड्रायड के नवीनतम संस्करण सुरक्षित हैं, खतरा उन ऑपरेटिंग सिस्टम्स को है जिसे गूगल ने सालों पहले विकसित किया था। इसलिए अभी तक गूगल के नए एंड्रायड में कोई भी बग ढूंढकर इनाम पाने में सक्षम नहीं हुआ है।
हालांकि, कंपनी ने अपने ओएस को और अधिक सुरक्षित बनाने तथा ज्यादा से ज्यादा शोधकर्ताओं और इंजीनियरों को जोड़ने के लिए इनाम की राशि बढ़ाकर 2 लाख डॉलर कर दी है। गूगल ने इनाम देने के कार्यक्रम की शुरुआत दो साल पहले की थी। अभी तक कोई भी यह इनाम नहीं जीत सका है। चेक प्वाइंट के मुताबिक दुनिया भर के करोंडो फोन इन मालवेयर की चपेट में आ सकते हैं। भारत भी इस बग से अछूता नहीं है।

