पति की शिकायत पर दर्ज केस खारिज, हाई कोर्ट बोला- गर्भपात कराना महिला का निजी फैसला
कोर्ट ने कहा, "यदि कोई महिला गर्भावस्था जारी नहीं रखना चाहती है, तो उसे ऐसा करने के लिए मजबूर करना महिला की शारीरिक अखंडता का उल्लंघन है और उसके मानसिक आघात को बढ़ाता है जो उसके मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा।"