इतिहास बना, भविष्य नहीं: ऑटो चालक के बेटे और 1009 रन वाले प्रणव धनवाड़े की अधूरी कहानी
प्रणव धनवाड़े ने 15 साल की उम्र में 1009 रन बनाकर इतिहास रचा, लेकिन यह कहानी सिर्फ रनों की नहीं है। यह एक ऑटो चालक के बेटे की कहानी है, जिसने अपने पिता के सपनों को पूरा करने की कोशिश की। प्रणव ने रिकॉर्ड बनाया, लेकिन सिस्टम ने खिलाड़ियों के लिए आगे का रास्ता नहीं बनाया। यह कहानी सवाल उठाती है कि क्या हम खिलाड़ियों को बनाते हैं या सिर्फ चमत्कारों का इंतजार करते हैं।