न प्यार है, न तकरार, बस साथ रहना मजबूरी! क्या आपका रिश्ता ‘Kipling’ का है शिकार?
किपलिंग एक मनोवैज्ञानिक शब्द है जो ऐसे रिश्ते को दर्शाता है जहाँ लोग मजबूरी या डर के कारण साथ रहते हैं, प्यार की कमी होती है। यह रिश्ता अकेलेपन, डर, और भावनात्मक दूरी से जुड़ा होता है। यह माता-पिता, पति-पत्नी, या लिव-इन रिश्तों में हो सकता है। किपलिंग में लोग अकेलेपन के डर, सामाजिक दबाव या बेहतर विकल्प की कमी के कारण फंस जाते हैं।