जिस हवा में आप सांस ले रहे हैं, वही आपको बना रही है मोटा और डायबिटीज का शिकार
प्रदूषण अब सिर्फ सांस की बीमारी नहीं, बल्कि मोटापा और मधुमेह का भी कारण बन रहा है। शोध के अनुसार, प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कण शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं, ब्राउन फैट को कम करते हैं और इंसुलिन प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। इससे वजन बढ़ता है और टाइप-2 मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। बचाव के लिए, मास्क पहनें, व्यायाम का समय बदलें, एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लें और जीवनशैली में बदलाव करें।