कहानी 2 मूवी कास्ट: विद्या बालन, अर्जुन रामपाल, जुगल हंसराज, नैशा सिंह, टोटा रायचौधरी, अंबा सान्याल
कहानी 2 मूवी डायरेक्टर- सुजॉय घोष
विद्या बालन अपनी सफल फिल्म कहानी का सीक्वल लेकर हाजिर हैं। इस बार वो दुर्गा रानी सिंह के तौर पर हमारे सामने आई हैं। फिल्म में मुख्य किरदार एक्ट्रेस का है। यह फिल्म पहले पार्ट का सीक्वल ना होकर एक दूसरी ही कहानी बयां करती है। पहले पार्ट में विद्या एक प्रेग्नेंट महिला का किरदार निभाती है जो अपने पति की तलाश में है। कहानी को कोलकाता में फिल्माया गया था। आखिर में बालन की जीत होती है। इसी तरह दिल्ली-मुंबई, कोलकाता को एक बार फिर से कहानी 2 में दोहराया गया है। यह एक थ्रिलर फिल्म है। जिसमें दर्शकों को विद्या की जबर्दस्त एक्टिंग देखने को मिलेगी। कहानी 2 फर्स्ट हाफ में काफी अच्छी लगती है और एक भी फ्रेम खराब नहीं है। जिसमें एक महिला के दर्द भरे अतीत को दिखाया गया है। उसकी मुलाकात एक अंजान लड़की से होती है। जिसके साथ उसका मजबूत बॉन्ड बन जाता है।
इसके बाद क्या होता है वो दुर्गा रानी सिंह के आस-पास जारी टेंशन है। वो हमेशा चुप रहने वाली मिनी के करीब जाने की कोशिश करती है और जिसकी वजह से वो खुद को खतरनाक परिस्थिती में ढकेल देती है। बच्ची के खुशामदी अंकल (जुगल हंसराज) और चापलूस दादी (अंबा सान्याल) के साथ दुर्गा उलझ जाती है। यहां तक की कहानी हर किसी को बांधे रखती है। इसके बाद दुर्गा के दर्द को दिखाया गया है जो खुद एक रोमांटिक रिश्ते को बनाए रखने के लिए जूझती हुई दिखती है। जब वो खुद बच्ची थी तब उसे भी इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा था। एडल्ट एब्यूज किसी भयानक हॉरर से कम नहीं है।
इंटरवल के बाद ऐसा लगता है कि फिल्म की कहानी बदल गई है। यह आपको कलिमपोंग से चंदन नगर और कोलकाता तक की सैर करवाती है। यह बॉलीवुड टीन और हॉलीवुड की किल बिल की कहानी प्रस्तुत करती है। इसमें कथित अपहरण और हत्या से लेकर एक तेज पुलिस ऑफिसर को दिखाया गया है जो इस केस को सुलझाने की कोशिश करता है। वहीं इस दौरान दुर्गा नाम और शहर बदलती रहती है। क्या वो एक अपराधी है या एक संत?
सुस्त चेहरा, टेढ़ा-मेढ़ा एक्शन और कुछ भड़कीले मशीनी सींस को दिखाया जाता है। जिसके जरिए अर्जुन रामपाल और उसके बॉस के बीच के गोलाकार रिश्ते को टुकड़ों में दर्शाया गया है। इसके बाद कहानी हिंदी फिल्मों के उसी ढर्रे पर आ जाती है जहां आपको अनुमान हो जाता है कि इसका क्या अंत होगा। इससे बदतर थ्रिलर नहीं हो सकता है। जो चीज आपको आखिर तक फिल्म देखने के लिए मजबूर करेगी वो है बालन की एक्टिंग। कैरेक्टर के अंदर घुसकर उनकी एक और सॉलिड परफॉर्मेंस देखने को मिलती है। कहानी एक फ्रेश स्टोरी थी लेकिन इसका सीक्वल निराश करता है। अगर सुजॉय इसका तीसरा भाग बनाने की तैयारी कर रहे हैं तो उन्हें ठीक तरह से प्लानिंग करने की जरूरत है।

