Shani Sade Sati And Shani Dhaiya Remedies: ज्योतिष शास्त्र में शनि को क्रूर ग्रह माना जाता है। शनि न्याय प्रिय और कर्म फलदाता हैं। यानि ये लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। कलियुग में शनि पूजन का बहुत महत्व है। ज्योतिष अनुसार यदि किसी व्यक्ति के ऊपर शनि साढ़े साती या ढैया चल रही है तो उसके जीवन में तमाम परेशानियां का सामना करना पड़ता है। इसलिए शास्त्रों में शनि के बुरे प्रभावों से बचने के लिए भी कुछ विशेष उपाय बताये जाते हैं जो इस प्रकार है…
यदि शनि के बुरे प्रभाव से बचना चाहते हैं तो हनुमान चालीसा अचूक उपाय है। कहा जाता है कि श्री हनुमान चालीसा का पाठ शनि के सभी कष्टों से मुक्ति दिलाता है।
शनि से बचने के लिए शनि मंत्र का जाप करें। शनि मंत्र है- ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः’ साथ ही शनि ग्रह को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र ‘ॐ शं शनैश्चरायै नमः’ का जाप भी कर सकते हैं। शनि पूजा के समय न करें ये गलतियां, नहीं तो हो सकता है नुकसान, ऐसी है मान्यता
कहा जाता है कि तिल, तेल और छायापात्र दान शनि देव को काफी प्रिय हैं इसलिए इन चीज़ों का दान शनि ग्रह को शांत करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। छायापात्र दान करने के लिए मिट्टी के किसी बर्तन में सरसों का तेल लें और उसमें अपनी परछाई देखकर उसे दान कर दें।
शनि ग्रह को मजबूत करने के लिए धतूरे की जड़ को धारण करने की सलाह भी दी गई है। धतूरे की जड़ को आप गले या हाथ में भी बांध सकते हैं। धतूरे की जड़ को शनिवार के दिन शनि होरा अथवा शनि के नक्षत्र में ही धारण करना चाहिए। क्या आपके ऊपर चल रही है शनि महादशा? ज्योतिष शास्त्र अनुसार ऐसे लगाएं पता
सात मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से भी शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस रुद्राक्ष को आप सोमवार या शनिवार में से किसी भी दिन गंगा जल से धोकर धारण कर लें। इससे शनि दोष खत्म होता है।
शनिवार के दिन काले कुत्ते और काली गाय को रोटी खिलाने से भी शनि ग्रह मजबूत होता है इससे बिगड़े काम बनते हैं। शनिवार को चीटियों को आटा और मछलियों को दाना खिलाने से भी शनि का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता।
ज्योतिष शास्त्र अनुसार काले घोड़े की नाल या फिर नाव की कील से निर्मित अंगूठी मध्यमा उंगली में धारण करने से शनि के प्रकोप से बचा जा सकता है। ये काम शनिवार के दिन सूर्यास्त के समय ही करें।

