Ambe Mata Ki Aarti (अम्बे माता की आरती): दुर्गा मां की उपासना के दिन नवरात्र (Navratri 2019) चल रहे हैं। इस बार नवरात्रि 29 सितंबर से शुरू हुई हैं जो 7 अक्टूबर को समाप्त होंगी। नवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म के लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। इन दिनों माहौल भक्तिमय होता है और हर कोई मां को प्रसन्न करने की कोशिश करता है। लेकिन मां दुर्गा को आप उनकी आरती उतार कर आसानी से प्रसन्न कर सकते हैं। जानिए मां अम्बे की आरती, जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी…

दुर्गा आरती (Durga Ji Ki Aarti) :

जय अम्बे गौरी मैया जय मंगल मूर्ति ।
तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥टेक॥

मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को ।
उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको ॥जय॥

कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजै ॥जय॥

केहरि वाहन राजत खड्ग खप्परधारी ।
सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुःखहारी ॥जय॥

कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती ।
कोटिक चंद्र दिवाकर राजत समज्योति ॥जय॥

शुम्भ निशुम्भ बिडारे महिषासुर घाती ।
धूम्र विलोचन नैना निशिदिन मदमाती ॥जय॥

चौंसठ योगिनि मंगल गावैं नृत्य करत भैरू।
बाजत ताल मृदंगा अरू बाजत डमरू ॥जय॥

भुजा चार अति शोभित खड्ग खप्परधारी।
मनवांछित फल पावत सेवत नर नारी ॥जय॥

कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती ।
श्री मालकेतु में राजत कोटि रतन ज्योति ॥जय॥

श्री अम्बेजी की आरती जो कोई नर गावै ।
कहत शिवानंद स्वामी सुख-सम्पत्ति पावै ॥जय॥

आपको बता दें कि इस बार पूरे नौ दिन के नवरात्र हैं। 6 अक्टूबर दिन रविवार को अष्टमी, 7 अक्टूबर दिन सोमवार को नवमी मनाई जायेगी। इन दोनों ही दिन कन्या पूजन कर के व्रत खोलने का विधान है। दुर्गाअष्टमी को मां महागौरी की अराधना की जाती है तो नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की और फिर दसवें दिन दशहरा आता है जिस दिन रावण दहन के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जायेगा। दशहरा पर्व को विजयादशमी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था साथ ही ऐसी भी मान्यता है कि मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस को भी मार गिराया था।