Magh Gupt Navratri 2020: हिंदुओं के प्रमुख धार्मिक त्योहारों में से एक गुप्त नवरात्रि है। गुप्त नवरात्रि साल में दो बार आती है। हिंदी कैलेंडर मे मुताबिक पहली गुप्त नवरात्रि आषाढ़ में और दूसरी माघ मास में पड़ती है। मान्यता है कि पौराणिक काल से ही लोगों की आस्था गुप्त नवरात्रि में है। गुप्त नवरात्रि में शक्ति की उपासना की जाती है ताकि जीवन तनाव मुक्त रहे। माना जाता है कि अगर कोई समस्या है तो उससे निजात पाने के लिए खास मंत्रों के जाप से उससे मुक्ति पाया जा सकता है।

गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की उपासना

देवी भागवत में आए प्रसंग के मुताबिक जिस तरह चैत्र और शारदीय नवरात्रि में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। उसी प्रकार माघी गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्या की उपासना की जाती है। गुप्त नवरात्रि की अवधि में साधक श्यामा (काली), तारिणी (तारा), षोडशी (त्रिपुर सुंदरी), देवी भुवनेश्वरी, देवी छिन्नमस्ता, देवी धूमवाती, देवी बागलमुखी, माता मतंगी और देवी लक्ष्मी (कमला) की आराधना करते हैं। चूंकि इस नवरात्रि में दस महाविद्या की उपासना गुप्त रूप से होती है, इसलिए इसे गुप्त नवरात्रि का नाम दिया गया है।

तंत्र विद्या के उपासकों के लिए खास

एक साल में कुल आषाढ़, आश्विन, माघ और चैत्र के महीने में चार नवरात्रि पड़ते हैं। इनमें से दो सामान्य और दो गुप्त नवरात्रि होते हैं। आश्विन और चैत्र के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक के नौ दिनों को प्रत्यक्ष नवरात्रि बोला गया है। जबकि माघ और आषाढ़ में पड़ने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि के रूप में जाना जाता है। गुप्त नवरात्रि तंत्र विद्या के उपासकों और सन्यासियों के लिए खास महत्त्व रखता है।

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माघ नवरात्रि शुभ मुहूर्त

साल 2020 में माघ नवरात्रि 25 जनवरी से शुरू हो रही है जो 04 फरवरी तक चलेगी। कलश स्थापना के लिए शुभ तारीख 25 जनवरी (शनिवार) है। कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त प्रातः 09 बजकर 48 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक है। कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त का कुल समय 59 मिनट का है। इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से लेकर 12 बजकर 55 मिनट तक है।