Durga Ashtami 2019 Date in India: शारदीय नवरात्रि की अष्टमी 6 अक्टूबर को मनाई जायेगी। इस दिन मां महागौरी की पूजा होती है। कई लोग नवरात्रि के व्रत का पारण इसी दिन कन्याओं को भोजन कराकर करते हैं। अष्टमी को महाअष्टमी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार महागौरी की उपासना से इंसान को हर पाप से मुक्ति मिल जाती है और उसके जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है। मां की शास्त्रीय पद्धति से पूजा करने वाले सभी रोगों से मुक्त हो जाते हैं और धन-वैभव संपन्न होते हैं।

कौन है मां महागौरी? (MahaGauri, Durga Puja, Ashtami ka Vrat)

दुर्गा मां का आठवां स्वरूप है मां महागौरी। ऐसा माना जाता है कि शिव जी को पाने के लिए इन्होंने कठोर तपस्या की थी जिस कारण इनका शरीर काला पड़ गया था। भगवान शंकर ने इनकी इस कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर जब इन्हें दर्शन दिये तो मां का शरीर कांतिमय हो गया जिस कारण इन्हें महागौरी कहा जाने लगा। महागौरी श्वेत वर्ण की है और सफेद रंग में इनका ध्यान करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। खासकर विवाह संबंधी परेशानियों के निवारण के लिए इनकी पूजा का विशेष महत्व है।

कैसे करें महागौरी की पूजा: महागौरी की पूजा में पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना गया है। मां के समक्ष दीपक जलाकर उनका ध्यान करें। फिर उन्हें सफेद या पीले फूल अर्पित करें और मंत्रों का जाप करें। मध्य रात्रि में इनकी पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। अष्टमी के दिन मां को नारियल का भोग लगाना शुभ माना गया है।

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Highlights

    18:45 (IST)05 Oct 2019
    दुर्गाअष्टमी का महत्व:

    वैसे तो नवरात्रि में दसों दिन कुवारी कन्याओं को भोजन कराने का विधान है परंतु अष्टमी तिथि के दिन का विशेष महत्व माना गया है। क्योंकि इस दिन महागौरी की पूजा होती है। जिनके तेज से संपूर्ण सृष्टि प्रकाश मान है। इनकी भक्ति से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है। इनकी चार भुजाएं हैं दायीं भुजा अभय मुद्रा में है, नीचे वाली भुजा में त्रिशूल है, बायीं भुजा में डमरू और नीचे वाली भुजा से देवी गौरी भक्तों को वरदान देती हैं। माना जाता है अष्टमी को इनके पूजन से तमाम तरह के दुख दूर होकर सुख की प्राप्ति होती है।

    18:28 (IST)05 Oct 2019
    नवरात्रि में दुर्गा अष्‍टमी की तिथि और शुभ मुहूर्त:

    अष्‍टमी की तारीख- 06 अक्‍टूबर 2019
    अष्टमी आरम्भ: 5 अक्टूबर, 2019 को 09:53:11
    अष्टमी समाप्त: 6अक्टूबर, 2019 को 10:56:51
    पूजा शुभ मुहूर्त: सुबह 10:30 बजे से 11:18 बजे तक

    18:19 (IST)05 Oct 2019
    देवी के अंश से कौशिकी का जन्म हुआ था

    माना जाता है कि इसी देवी के अंश से कौशिकी का जन्म हुआ था जिसने शुम्भ निशुम्भ के प्रकोप से देवताओं को मुक्त कराया। ये भगवान शिव की पत्नी है। अष्टमी के दिन इनकी विधिवत पूजा करने से व्यक्ति की तमाम इच्छाएं पूरी हो जाती है। अष्टमी के दिन कन्याओं का पूजन कर नवरात्रि व्रत का पारण किया जा सकता है।