चाणक्य नीति: वैवाहिक जीवन की सफलता पति और पत्नी दोनों पर निर्भर करती है। अगर पति पत्नी एक दूसरे पर विश्वास करें और समझदारी के साथ चलें तो उनका रिश्ता हमेशा मधुर बना रहता है। लेकिन कई बार पति पत्नी में आपसी तालमेल सही से नहीं बैठ पाने के कारण उनका रिश्ता टूट भी जाता है। चाणक्य ने खुशहाल वैवाहिक जीवन जीने के लिए कुछ बातें बताईं है जिसका अनुसरण कर आप अपने वैवाहिक रिश्ते को मजबूत बना सकते हैं।
गुस्सा किसी भी रिश्ते को बर्बाद करने का एक मुख्य कारण माना गया है। मानव का स्वभाव है गुस्सा करना। लेकिन जरूरत से ज्यादा क्रोध करने की आदत घातक साबित होती है। पति पत्नी के बीच अगर कोई भी गुस्से वाले स्वभाव का है तो उनका रिश्ता कभी मधुर नहीं बन पाता और हमेशा कलह होता रहता है। जिसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है।
पति पत्नी का रिश्ता तभी खुशहाल रहता है जब दोनों को पैसों के इस्तेमाल की सही जानकारी हो। साथ ही उन्हें आमदनी और खर्चों में संतुलन बनाकर चलाना आता हो। जब पति पत्नी आर्थिक चीजों में समझदारी से काम नहीं लेते हैं तो ऐसे में उनका वैवाहिक जीवन कलहपूर्ण रहता है।
पति पत्नी के खुशहाल जीवन में विश्वास की एक अहम भूमिका होती है। दोनों को अपने बीच की बातें किसी तीसरे व्यक्ति से शेयर नहीं करनी चाहिए। अपनी बातों को खुद तक सीमित रखकर अच्छी बातों पर चर्चा करने वाले पति पत्नी ही हमेशा सुखी रहते हैं।
मर्यादा में रहने वाले लोग हमेशा खुश रहते हैं। पति पत्नी को अपने संस्कार और मर्यादा को नहीं भूलना चाहिए। अगर पति पत्नी मर्यादा के अंदर रहेंगे तो उनका जीवन खुशहाल बना रहेगा।
धैर्य मनुष्य का बड़ा गुण माना गया है। संकट के समय में जो पति पत्नी धैर्य रखते हुए निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं उनका जीवन खुशियों से भरा रहता है। धैर्य खो देने से रिश्ते में कलह होने लगती है।
झूठ किसी भी रिश्ते के बर्बाद होने का एक मुख्य कारण माना गया है। अगर पति पत्नी एक दूसरे से झूठ बोलने लगते हैं तो एक समय बाद उनके रिश्ते में कड़वाहट आनी शुरू हो जाती है। झूठ किसी भी रिश्ते को बर्बाद कर देता है।
