Chanakya Tips In Hindi: आज हर कोई कोरोना से परेशान है। इस संकट की घड़ी में सभी को अपना खास ख्याल रखने की जरूरत है। आचार्य चाणक्य ने भी स्वस्थ रहने के लिए कई जरूरी बातें बताई हैं। चाणक्य भारत के महान अर्थशास्त्री और कुशल राजनीतिज्ञ थे। इन्होंने अपनी नीतियों में जीवन जीने का सलीका बताया है। जानिए स्वास्थ्य को लेकर चाणक्य की नीतियां क्या कहती हैं…

अजीर्णे भेषजं वारि जीर्णे वारि बलप्रदम् ।
भोजने चामृतं वारि भोजनान्ते विषप्रदम् ।।
आपने अकसर सुना होगा कि पानी पीते समय कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी होता है। जैसे खाने के तुरंत बात पानी न पिएं और खाना खाने के बीच में भी ढेर सारा पानी पीने को मना किया जाता है। आचार्य चाणक्य ने भी अपने श्लोक में पानी पीने का सही तरीका बताया है। चाणक्य कहते हैं कि भोजन के पचने के बाद पानी पीना औषधि के समान होता है। अगर भोजन पचने के करीब आधे से एक घंटे के बाद पानी पिया जाए तो इससे शारीरिक बल में बढ़ोतरी होती है। वहीं अगर भोजन के बीच में थोड़ा पानी पिया जाए तो वो भी अमृत के समान ही होता है। वहीं भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से ये शरीर के लिए विष का काम करता है।

चाणक्य इस श्लोक में ये भी बताते हैं कि निरोग काया और चमकदार त्वचा के लिए हफ्ते में एक बार पूरे शरीर की तेल से मालिश करनी चाहिए क्योंकि इससे शरीर के रोम छिद्र खुलते हैं और अंदर का मैल बाहर आ जाता है और मालिश के बाद स्नान भी जरूर करें क्योंकि ऐसा करने से मैल और तेल दोनों साफ हो जाता है। इसके अलावा चाणक्य कहते हैं कि खड़े अन्न से 10 गुणा ज्यादा पौष्टिक होता है पिसा हुआ अन्न। वहीं, पिसे हुए अन्न से 10 गुना ज्यादा अधिक पौष्टिक होता है दूध, दूध से 10 गुना अधिक पौष्टिक है मांस और मांस से भी 10 गुणा ज्यादा पौष्टिक है घी। हेल्थी लाइफ जीने के लिए इन चारों ही चीजों का सेवन जरूरी माना गया है। यदि आप ज्ञान की तलाश में हैं, तो आराम पाने की उम्मीद छोड़ दें

आचार्य चाणक्य ने सभी औषधियों में गिलोय को सबसे अधिक प्रधानता दी है। इसलिए इसका सेवन करना चाहिए। सभी प्रकार के सुखों में भोजन को सबसे बड़ा सुख बताया है। अत: स्वस्थ रहने के लिए अच्छा भोजन करना चाहिए। ध्यान रखें कि शरीर की सभी इंद्रियों में आंख प्रमुख है और सभी अंगों में मस्तिष्क प्रधान है। इसलिए सभी इंद्रियों में आंखों का विशेष ख्याल रखना चाहिए और मस्तिष्क को तनाव मुक्त रखना चाहिए।