Chanakya Niti In Hindi: आचार्य चाणक्य की नीतियों के बारे में कौन नहीं जानता जिन्होंने चंद्रगुप्त जैसे साधारण से बालक को भी सम्राट बना दिया था। चाणक्य इतिहास के एक महान ज्ञानी और कुशल राजनीतिज्ञ थे। इनके द्वारा रचित चाणक्य नीति पुस्तक में जीवन के हर एक पहलू से संबंधित नीतियों के बारे में बताया गया है। इन्होंने स्वस्थ रहने के लिए बहुत सी नीतियां बताई हैं। यहां जानेंगे कि मनुष्य को किन 4 कार्यों को करने के बाद नहाना जरूरी माना गया है…
तैलाभ्यङ्गे चिताधूमे मैथुने क्षौरकर्मणि।
तावद् भवति चाण्डालो यावत् स्नानं न चाचरेत्।
– चाणक्य अनुसार व्यक्ति को बाल कटवाने के बाद तुरंत नहा लेना चाहिए। क्योंकि हेयर कट लेने के बाद शरीर पर छोटे छोटे बाल चिपक जाते हैं, जो आपरी आंख, कान या फिर नाक में जा सकते हैं। अत: ये शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।
– चाणक्य अनुसार स्वस्थ शरीर के लिए सप्ताह में दो बार तो तेल की मालिश जरूर करनी चाहिए। इससे शरीर के रोम छिद्र खुल जाते हैं और अंदर की सारी गंदगी बाहर आ जाती है। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि तेल मालिश के बाद तुरंत नहा लें। तेल मालिश के बाद घर के बाहर जाना अशुभ माना गया है और शरीर के लिए भी ये हानिकारक साबित हो सकता है।
– शारीरिक संबंध बनाने के बाद भी जरूर नहा लेना चाहिए। क्योंकि प्रसंग के बाद शरीर अपवित्र हो जाता है। जिससे किसी भी तरह का शुभ काम या फिर पूजा पाठ इत्यादि काम नहीं किया जा सकता। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी संभोग के बाद नहाना जरूरी माना गया है।
– अगर किसी व्यक्ति की शव यात्रा पर शामिल हुए हों तो आपको नहा लेना चाहिए। क्योंकि श्मशान में कई तरह के कीटाणु होते हैं जो शरीर पर लग जाते हैं, जो दिखाई नहीं देते लेकिन हानिकारक होते हैं। धार्मिक दृष्टि से भी किसी की शव यात्रा में शामिल होने के बाद नहाना जरूरी माना गया है।

