Chanakya Niti In Hindi: सफलता कौन नहीं पाना चाहता। फिर चाहे ये सफलता करियर में हो या पर्सनल लाइफ में या किसी भी कार्य से जुड़ी हो। चाणक्य नीति से हमें इस बात की सीख मिलती है कि हमें जीवन में कब कैसा व्यवहार करना चाहिए। जिससे हमें कभी निराश न होना पड़े। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों से चंद्रगुप्त मौर्य को भी जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जिससे चंद्रगुप्त मौर्य को राजा की गद्दी पर बैठने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जानिए चाणक्य नीति में सफलता के लिए क्या मूल मंत्र बताये गये हैं।
-चाणक्य नीति अनुसार सबसे पहले तो जो भी काम आप शुरू करना चाहते हैं उस काम से संबंधित तीन प्रश्न अपने आप से जरूर पूछें। पहला प्रश्न मैं ये काम क्यों कर रहा हूं, दूसरा इसका परिणाम क्या होगा और तीसरा क्या मुझे इसमें सफलता मिलेगी? जब इन तीनों प्रश्नों के संतोषजनक जवाब मिल जाए तब ही अपना कार्य शुरू करें।
-सफल होना चाहते हैं तो इस बात को कभी व्यक्त न होने दें कि आपने क्या सोचा है, बुद्धिमानी से अपने काम के बारे में बिना किसी को बताए उसे दृढ़ता से करने की कोशिश करें।
-अगर भय आपके करीब आए तो उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिए। तात्पर्य अगर किसी चीज से आपको भय लगता है तो उससे डरने की बजाय उसका सामना डटकर करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी।
-कभी भी अपने भूतकाल यानी बीते समय के बारे में सोचकर पछतावा न करें और न ही भविष्य के परिणामों को सोचकर चिंतित होना चाहिए। एक बुद्धिमान व्यक्ति सिर्फ अपने वर्तमान पर ध्यान देता है। इससे भविष्य अपने आप ही अच्छा हो जाता है।
-लाइफ में हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि बिना स्वार्थ के कोई किसी का मित्र नहीं होता। यह एक कड़वा सच है लेकिन सच्चाई यही है।
-व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले ही मरता है, अपने अच्छे-बुरे कर्मों का फल भी खुद ही भुगतता है और वह नर्क या स्वर्ग भी अकेले ही जाता है। इसलिए ऐसे कर्म करे जिससे अच्छे परिणाम देखने को मिलें।
-चाणक्य नीति कहती है सांप जहरीला ना भी हो तो उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए। यानी सफलता पाने के लिए आपके अंदर हर स्थिति में आत्मविश्वास जरूर होना चाहिए। याद रखें कि कोई व्यक्ति अपने कार्यों से महान होता है, अपने जन्म से नहीं।

