Chanakya Niti In Hindi : बुद्धिजीवियों की बात आते ही जो पहला नाम ध्यान में आता है, वह चाणक्य हैं। चाणक्य को सभी क्षेत्रों का ज्ञान था। वह जीवन के, रिश्तों के और समाज के हर पहलू को बारीकी से समझते थे। चाणक्य ने चक्रवर्ती सम्राट अशोक को सीख देने में अपने जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा लगा दिया। ये ही वजह है कि उनके दिमाग से बना राजा कभी हारा नहीं। चाणक्य रिश्तों को समझते थे। उनकी मर्यादा समझते थे। साथ ही इस बात की भी गहरी समझ रखते थे कि किसके कैसे व्यवहार का कारण क्या है। इसलिए ही वो धोखा नहीं खाते थे। चाणक्य नीति में चाणक्य ने दोस्ती पर भी अपने विचार बताएं हैं। चाणक्य नीति की इस स्टोरी में हम जानेंगे चाणक्य के मित्रता पर क्या विचार थे –
अगर सही लोगों को दोस्त ना बनाया जाए तो वह वक्त आने पर आपको धोखा जरुर देंगे। चाणक्य नीति के अनुसार दोस्ती हमेशा सभ्य व्यक्ति से करनी चाहिए। सभ्य व्यक्ति अपनी मर्यादाएं जानता है। इसलिए वो कभी अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने का काम नहीं करेगा।
ऐसे लोगों से दोस्ती कभी न करें जिन्हें चुगलियां करने की आदत हो। क्योंकि आपके जो दोस्त आज आपके साथ किसी की बुराई करेंगे। वो ही कल किसी और के साथ बैठ कर उस व्यक्ति के साथ आपकी बुराई करेंगे।
झूठे व्यक्ति को कभी अपना मित्र न बनाएं। क्योंकि जो व्यक्ति झूठ बोल सकता है। वो अपनी बात को सच्चा साबित करने के लिए कुछ भी कर सकता है। झूठा व्यक्ति संसार में ना कभी किसी का सगा हुआ है और न ही होगा।
दोस्ती हमेशा ईमानदार इंसान से करनी चाहिए। ईमानदार व्यक्ति कभी किसी को धोखा नहीं देता है। अपने दोस्तों से हम अपने घर-परिवार का सुख-दुख सब कहते हैं। ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि आपका दोस्त भी आपकी दोस्ती के लिए उतना ही समर्पित हों जितना आप हैं। ताकि वह आपके दुखों का समाज में मजाक न बना सके।
कुसंगति में पड़े लोगों को कभी अपना मित्र न बनाएं। क्योंकि व्यक्ति जैसे लोगों का संग करता है। वह स्वयं भी उसी रंग में रंग जाता है। इसलिए बुरे लोगों से बचते हुए। ऐसे लोगों को अपने जीवन में लाएं जो दोस्ती निभाते हुए आपको जीवन के कुछ मूल मंत्र सिखा दें।
मित्रता कभी भी किसी इंसान का रंग-रूप देखकर नहीं करनी चाहिए। क्योंकि हमारी ऊपरी त्वचा हमारे मन का प्रतिबिंब नहीं होती है। हमेशा मन के सुंदर लोगों को अपने पास लाओ। जिसका मन सुंदर है वह जिंदगी भर ऐसा ही रहेगा। लेकिन जिसका केवल तन सुंदर है वह समय के साथ बदसूरत हो जाएगा और आपकी बाहरी त्वचा से दोस्ती उसी दिन खत्म हो जाएगी।
उच्च आदर्शों वाले व्यक्ति को अपना दोस्त जरूर बनाएं। ऐसे व्यक्ति के साथ रहते-रहते आप कब उसके जैसे आदर्श पुरुष बन जाएंगे। इसका आपको भी नहीं पता चलेगा। आप जैसा बनना चाहते हैं, वैसे ही लोगों से दोस्ती कीजिए। क्योंकि दोस्ती का रिश्ता ऐसा होता है जिसमें दोस्त एक-दूसरे के रंग में रंग जाते हैं।
