Chanakya Niti In Hindi: आचार्य चाणक्य ने सुखी जीवन जीने के लिए कई तरह की नीतियां बताई हैं। जिन्हें अपनाकर आप अपने जीवन की परेशानियों को कम कर सकते हैं। आचार्य चाणक्य एक महान राजनीतिज्ञ और कूटनीतिज्ञ थे। इन्होंने अपनी नीतियों से चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया। चाणक्य नीति के एक श्लोक में बताया गया है कि मनुष्य को 5 चीजों के बीच में से कभी नहीं निकलना चाहिए।
विप्रयोर्विप्रवह्नेश्च दम्पत्यो: स्वामिभृत्ययो:।
अन्तरेण न गन्तव्यं हलस्य वृषभस्…
चाणक्य की इस नीति के अनुसार जब दो ज्ञानी लोग बात कर रहे हों तो किसी भी व्यक्ति को इनके बीच में से नहीं निकलना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से उनकी बातचीत में बाधा उत्पन्न हो सकती है। ऐसा करना तहजीब न होना भी दर्शाता है।
इसी तरह यदि किसी स्थान पर कोई ब्राह्मण या पुजारी अग्नि के पास बैठा हो तो भी इन दोनों के बीच में से नहीं निकलना चाहिए। क्योंकि हो सकता है कि वह ब्राह्मण हवन या यज्ञ कर रहा हो और हमारी वजह से उसके काम में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
जब स्वामी और सेवक बातचीत कर रहे हों तो उनके बीच से नहीं निकलना चाहिए। क्योंकि हो सकता है कि वो कोई जरूरी बात कर रहे हों और हमारी वजह से उनकी बातचीत में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
यदि पति पत्नी किसी स्थान पर खड़े हों या फिर बैठे हों तो उनके बीच से भी नहीं निकलना चाहिए। ऐसा करने में पति-पत्नी का एकांत भंग हो सकता है।
अगर कहीं हल और बैल एक साथ दिखाई दें तो उनके बीच से भी नहीं निकलना चाहिए। हालांकि आज के समय में ज्यादातर खेतीअब हल और बैल की जगह हैरो और ट्रैक्टर से होने लगी है। जिस वजह से ये बात लागू नहीं होती। लेकिन उस जमाने में हल और बैल के बीच से निकलना शुभ नहीं माना जाता था।

