कोलकाता के पुरुलिया कस्बे में अगर चार कुत्तों ने इंसानों के प्रति अपनी वफादारी नहीं साबित की होती तो सात दिन की उस नवजात की जान नहीं बच पाती। इन चार कुत्तों ने झाड़ियों में छोड़ दी गई बच्ची को कौवों से बचाया, उसके तबतक घेर कर बैठे रहे जब तक कोई उसे बचाने नहीं आ गया। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर कुछ स्थानीय लोगों ने उसे बचाया और कुत्तों ने यह साबित किया कि उन्हें क्यों इंसानों का सबसे वफादार समझा कहा जाता है। यह घटना शनिवार की है जब स्कूल मास्टर उल्हास चौधरी अपने घर के रास्ते से गुजर रहे थे और उन्हें पास की झाड़ियों से एक बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने आवाज सुनकर झाड़ियों में छानबीन शुरू की और पाया कि चार कुत्ते किसी चीज के आस पास घूम रहे हैं।
जब चौधरी उस स्थान पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि चार कुत्ते एक नवजात बच्ची को चारो ओर से घेर कर बैठे हैं। बच्ची पीले रंग के एक कपड़े में लिपटी हुई थी। चौधरी को देखकर कुत्ते अपनी पूंछ हिलाने लगे और भौंकने लगे। उल्हास चौधरी ने इस बारे में अपने आस पड़ोस के लोगों को सूचित किया। उल्हास चौधरी ने घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उनके पड़ोसी परवीन सेन ने बच्ची को झाड़ियों से उठाया और अपने घर ले जाकर दूध पिलाया। इस दौरान वो चारो कुत्ते बच्ची के साथ उल्हास चौधरी के घर पहुंच गए। चौधरी ने इस बारे में पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बच्ची को अपनी कस्टडी में लिया और उसे देबेन महतो सरदार हास्पिटल ले गए।
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अस्पताल में डॉक्टर्स ने बताया कि बच्ची का जन्म 7 से 8 दिन पहले हुआ है और उसका वजन 2.8 किलो है। नवजात बच्ची को अस्पताल के ‘न्यू बॉर्न बेबी केयर यूनिट’ में रखा गया है। बच्ची की देखरेख करने वाले देबेन महतो सरदार हास्पिटल के डॉक्टर शिबशंकर महतो ने बताया कि उसे जांडिस है लेकिन घबराने जैसी कोई बात नहीं है। उल्हास चौधरी ने बच्ची का नाम सानिया रखा है क्योंकि उन्होंने उसे शनिवार के दिन पाया है। बच्ची को हास्पिटल से डिस्चॉर्ज करने के बाद राज्य सरकार के भटबंध स्थित एडॉप्शन सेंटर ले जाया जाएगा।

