उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विवाह पंजीकरण अनिवार्य किए जाने के बाद लोगों को पंजीकरण के लिए प्रोत्साहित करने के लिए गुरुवार को सूबे के वक्फ तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री मोहसिन रजा अपनी पत्नी फौजिया के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने एडीएम के समक्ष 17 वर्ष पूर्व हो चुके अपने निकाह के पंजीकरण का आवेदन किया। पत्नी के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे मंत्री के साथ उनके परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। मां जाहिदा बेगम व ससुर जमाल हामिद ने गवाही में हस्ताक्षर किए।

इस मौके पर मोहसिन ने कहा कि देश संविधान से चलता है धर्म से नहीं। सभी धर्मो के लोगों को विवाह पंजीकरण करना चाहिए। मोहसिन रजा और उनकी पत्नी के विवाह पंजीकरण के आवेदन की प्रक्रिया एडीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने पूरी करवाई। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने पर परिवार के सदस्यों ने सभी का मुंह मीठा कर खुशी का इजहार किया।

मोहसिन ने कहा, “समुदाय के लोगों को आगे आना चाहिए। सभी को विवाह पंजीकरण करना चाहिए। निकाहनामा के बाद भी निकाह के पंजीकरण का आवेदन किया है, ताकि वह कानूनी रूप से वैध रहे और कोई अड़चन न आए।”

मंत्री ने कहा, “देश संविधान से चलता है, धर्म से नहीं। प्रदेश की योगी सरकार ने समाज के हित में निकाह तथा विवाह के पंजीकरण का आदेश दिया है। हमारे निकाह को 17 वर्ष हो गए, फिर भी हमने आज अपने निकाह के पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। इससे सभी लोगों को एक अच्छा संदेश जाएगा, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय को अच्छा संदेश मिलेगा।”

बता दें कि कल योगी सरकार ने राज्य में होने वाले सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दिया था। जिसके बाद मुस्लिम संगठनों ने भी इस फैसले का आम तौर पर स्वागत किया। ऑल इंडिया मुस्लिम विमेन पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सभी धर्मों के लोगों के विवाह का पंजीकरण अनिवार्य कर राज्य सरकार ने सही दिशा में सही कदम उठाया है। बोर्ड की महासचिव राबिया संदल ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश सरकार का अच्छा कदम है और हम इसका स्वागत करते हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।