नोटबंदी के बाद माना जा रहा था कि प्रॉपर्टी के दामों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। संभावना जताई जा रही थी कि बिल्डरों को इससे काफी नुकसान पहुंचेगा। इस सब के बावजूद लखनऊ डेलवपमेंट अथॉरिटी ने वो कर दिखाया है जिसके बारे में आम बिल्डरर्स सोच भी नहीं पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि बुधवार को हुई नीलामी में लखनऊ डेलवपमेंट अथॉरिटी 101 करोड़ की संपत्ति की बेचने में कामयाब रहा। हालांकि एलडीए के अधिकारियों को नीलामी प्रक्रिया में बोलीदाताओं के आने की उम्मीद काफी कम थी। उनको ऐसा लग रहा था कि नोटबंदी और आयकर विभाग की सख्ती के चलते नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लेने वालों की संख्या कम होगी।
यह नीलामी प्रक्रिया गठित समिति सदस्यों संयुक्त सचिव एनएन सिंह नगर नियोजक टोपी और अन्य सदस्यों की मौजूदगी में पूरी हुई। इस नीलामी प्रक्रिया में लोगों ने बढ़—चढ़ कर भाग लिया। इतना ही नहीं सीजी सिटी से गोमती नगर विस्तार की संपति खरीदने को लेकर बोलीदाताओं के बीच होड़ भी देखने को मिली। 101 करोड़ की व्यवसायिक संपति बेचने के बाद एलडीए की उम्मीद बढ़ गई है। एलडीए का मानना है कि इससे अब उनके फ्लैट को खरीदने के लिए आवेदनों की संख्या बढ़ेगी।
अधिकारियों का कहना है कि अब तक निवेशक ही प्रॉपर्टी लेने आ रहे थे लेकिन अब जरूरतमंद भी उन तक आएंगें और एलडीए उन लोगों का सपना भी पूरा कर सकेगा जिन्होंने अपने घर का सपना देखा है। वहीं संयुक्त सचिव एनएन सिंह ने एलडीए के अगले कदम के बारे में बताते हुए कहा कि वह जल्द ही खाली पड़ी संपतियों को जल्द ही बेचने की योजना बना रहे है। जिन्हे अगली नीलामी प्रक्रिया में बेचा जाएगा।
सूत्रों की मानें तो नोटबंदी के बाद प्रॉपर्टी डीलरर्स और बिल्डरों को नुकसान की आशंका जताई जा रही थी लेकिन एलडीए कर संपति इतने ऊंचे दामों में बिकने की यह खबर उन सब के लिए काफी राहत भरी होगी।
