उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की एक अदालत ने 11 साल पहले हुए श्रमजीवी एक्सप्रेस बम विस्फोट कांड के आरोपी एक बांग्लादेशी आतंकवादी को बुधवार को फांसी की सजा सुनाई।
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम बुधिराम यादव ने मामले की सुनवाई करते हुए बांग्लादेशी नागरिक ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई को श्रमजीवी एक्सप्रेस विस्फोट कांड मामले में फांसी की सजा सुनाई। उसे मंगलवार को दोषी करार दिया गया था और सजा बुधवार को सुनाई गई। उस पर  8लाख तीस हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। इसी मामले में ट्रेन में बम रखने के आरोपी रॉनी उर्फ आलमगीर को गत 30 जुलाई को फांसी की सजा सुनाई गई थी। आ

तंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य ओबैदुर्रहमान पर बम बनाने का आरोप है। मामले के अन्य दो आरोपियों हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन और नफीकुल विश्वास को 20 सितंबर को हैदराबाद जेल से जौनपुर अदालत में पेशी के लिए तलब किया गया है। पटना से नई दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस की साधारण बोगी में 28 जुलाई, 2005 को हरपालगंज रेलवे स्टेशन स्थित हरिहरपुर रेलवे क्रासिंग के पास हुए बम विस्फोट में 12 यात्रियों की मौत हो गई थी और 18 गंभीर रूप से घायल हो गए थे।