सिद्धगंगा इंटरसिटी एक्सप्रेस को सोमवार सुबह कर्नाटक के हरिहर स्टेशन पर जब्त कर लिया गया। मैसूरु जा रही ट्रेन के यात्री इस घटना से हैरान रह गए। कोर्ट के इस ट्रेन को जब्त करने के आदेश के बाद यह स्टेशन पर लगभग एक घंटे 40 मिनट तक खड़ी रही। कोर्ट ने साल 2006 में रेलवे प्रोजेक्ट के लिए जमीन देने वाले किसान एजी शिवकुमार को मुआवजा नहीं दिए जाने के आरोप पर ट्रेन को जब्त करने का आदेश दिया। रेलवे अधिकारियों ने मुआवजा देने के लिए समय मांगा लेकिन कोर्ट स्टाफ और किसान लिखित में भरोसा चाहता था। लिखित में जवाब देने के बाद ट्रेन को आगे जाने दिया गया। इस जवाब में कहा गया कि मुआवजा एक सप्ताह में दे दिया जाएगा। हालांकि इस घटना से यात्री परेशान हो गए। कुछ यात्री नाराज होकर गाड़ी से उतर गए और बस से रवाना हो गए।
किसान का रेलवे पर 38 लाख रुपये का मुआवजा बकाया था। इस पर एसडीएम सुभाष बांदू होसकाले ने ट्रेन को जब्त करने का आदेश जारी कर दिया। रेलवे ने 1991 में चित्रदुर्गा से रायदुर्गा के बीच 100 किलोमीटर के रास्ते में ट्रेक बिछाने के लिए जमीन ली थी। इसके तहत 300 किसानों से जमीन ली गर्इ इनमें से 100 को अभी तक भी मुआवजा नहीं मिला है। कर्नाटक में यह इस साल दूसरा मामला है जब किसानों को मुआवजा नहीं देने पर ट्रेन रोक दी गई। इसी तरह का एक मामला हिमाचल प्रदेश से भी आया था।
Speed News: जानिए दिन भर की पांच बड़ी खबरें:

