दूरसंचार नियामक ट्राई ग्राहकों की सेवाओं को बेहतर बनाने के इरादे से एक पखवाड़े में वॉयस व डाटा सेवाओं के लिए गुणवत्ता मानकों पर विचार-विमर्श शुरू करने की योजना बना रहा है। सूत्रों के अनुसार सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के प्रस्तावित नियमों का मसौदा ट्राई के परामर्श पत्र के रूप में लाया जा सकता है जो वॉयस व डाटा की गुणवत्ता से जुड़े मुद्दों का समाधान प्रस्तुत करेगा।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कॉल ड्राप के अपने परीक्षण में पाया कि अधिकतर कंपनियां सेवा गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में विफल रहीं। फिलहाल कॉल ड्राप की मंजूर सीमा दो फीसद है यानी एक नेटवर्क पर किए जाने वाले 98 फीसद कॉल पूरे होने चाहिए और स्वत: नहीं कटने चाहिए। दूरसंचार कंपनियों ने विनियामक की परीक्षण रपट पर आपत्ति जताई है और कहा है कि वे सर्कलों के स्तर पर मानकों का पालन कर रही हैं। उनका कहना है कि ट्राई के परीक्षणों का निष्कर्ष उनके नेटवर्क की सही स्थिति नहीं दर्शाता।