केंद्र सरकार ने गुरुवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डालने की घटनाओं को रोकने के लिए कहा। गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के कारण भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने की घटनाओं पर लगाम लगाने के उपाय करने को कहा है। अपने परामर्श में मंत्रालय ने कई उपाय सुझाए हैं, जिन्हें लागू करने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश देने को कहा है। सोशल मीडिया, खासकर वाट्सऐप पर फैली अफवाहों के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से भीड़ के द्वाराा हिंसा की खबरें आने लगी हैं। रविवार को महाराष्ट्र के धुले में उग्र भीड़ ने बच्चा चोर होने के संदेह में पांच लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। देश के कई हिस्सों में वाट्सऐप पर अफवाह के जरिए उकसाई गई भीड़ ने इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है। बीते दो महीनों में बच्चा चोरी के संदेह में देशभर में 20 से अधिक लोगों को पीट-पीटकर मार डाला गया है।
गृह मंत्रालय ने ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लिया है और राज्य सरकारों को परामर्श जारी कर अंकुश लगाने को कहा है। परामर्श में कहा गया कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इन अफवाहों पर कड़ी नजर रखें और इन पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाएं। राज्य सरकारों को कहा गया है कि वे जिला प्रशासन को संवेदनशील और इस तरह की घटना की आशंका वाले क्षेत्रों का पता लगातार सतर्कता बरतने के निर्देश दें। इन क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर भरोसा बढ़ाने के उपाय करने पर भी जोर दिया गया है। इसके साथ ही बच्चों की चोरी और अपहरण की घटनाओं से संबंधित शिकायतों की प्रभावशाली ढंग से जांच करने पर भी बल दिया गया है। कहा गया है कि इससे लोगों में विशेष रूप से प्रभावित लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा होगा और पुलिस व प्रशासन के प्रति उनका विश्वास बढ़ेगा।
गृह मंत्रालय ने अपने परामर्श में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से बच्चा चोरी की अफवाहों का जल्दी पता लगाने के लिए पैनी नजर रखने और उन्हें रोकने के लिए असरदार उपाय शुरू करने को कहा है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, त्रिपुरा, असम और बंगाल में बच्चा चोरी की अफवाहों के बाद भीड़ द्वारा पीट-पीट कर मार डालने की घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। दरअसल, सोशल मीडिया पर लोगों को मैसेज भेजा जाता है कि आपके आसपास के शहरों में बच्चा चोर घूम रहा है। ऐसे में भीड़ बगैर सोचे-समझे संदिग्ध लोगों को पुलिस को सौंपने की बजाय खुद मारपीट करना शुरू कर देती है।
बच्चा चोरी के संदेह में मणिपुर में दो लोगों पर हमला
सोशल मीडिया पर अफवाहों को लेकर मणिपुर में स्थानीय लोगों ने बच्चा चोर और नरभक्षी होने के संदेह में दो लोगों की पिटाई कर दी। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने दोनों को बचाया और एहतियातन उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने यहां से करीब दो किलोमीटर दूर कंगपोकपी जिले के सैकुल इलाके में दो लोगों को संदिग्ध स्थिति में देखा था। उन्होंने बताया, पीड़ितों ने पूछताछ पर जब संतोषजनक जवाब नहीं दिया तब उन पर हमला किया गया। इनमें से किसी के पास कोई पहचान पत्र नहीं था जिससे कि उनकी पहचान की पुष्टि की जा सके। दोनों को रिजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आरआइएमएस) ले जाया गया। पुलिस उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने बताया कि पिछले तीन महीने में जिले में एक भी बच्चे के गुमशुदा होने की घटना दर्ज नहीं की गई है।
