तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की मौत पर न्यायिक जांच बिठाने की घोषणा की और कहा कि जयललिता के ‘पोज गार्डन’ घर को स्मारक बनाया जाएगा। ज्ञात हो कि ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के दूसरे गुट के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने दोनों गुटों के विलय के लिए यही शर्त रखी थी। वित्त मंत्री डी. जयकुमार सहित कई वरिष्ठ मंत्रियों के साथ सचिवालय में मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा, “सरकार ने जयललिता की मौत की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक जांच आयोग गठित करने का फैसला लिया है, क्योंकि जयललिता की मौत को लेकर कई तरह की खबरें सामने आई हैं।”
उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गो एवं जनता द्वारा की जा रही मांग का सम्मान करते हुए सरकार ने चेन्नई में जयललिता के आवास ‘पोज गार्डन’ को एक स्मारक में तब्दील करने का फैसला किया है, जो सार्वजनिक होगा।
जब उनसे पूछा गया कि जांच आयोग का अध्यक्ष कौन होगा और आयोग अपनी रिपोर्ट कब तक सौंपेगा, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही पूरा विवरण घोषित किया जाएगा। पलनीस्वामी ने कहा, “आयोग द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही इस मामले में कोई कार्रवाई होगी।”
पन्नीरसेल्वम और पलनीस्वामी गुटों के विलय के लिए बातचीत के दौरान पन्नीरसेल्वम ने जयललिता की मौत की जांच करवाए जाने और उनके घर को स्मारक बनाने की मांग रखी थी।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त को कहा था कि उनकी सरकार दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के पदचिन्हों पर चलते हुए उनके द्वारा शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का कार्यान्वयन कर रही है। पलनीस्वामी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सेंट जॉर्ज किले पर ध्वजारोहण करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार स्कूली शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है और हर सरकारी स्कूल में कंप्यूटर लैब स्थापित करने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों के पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 13,000 रुपये करने और परिवारिक पेंशन को 500 रुपये से बढ़ाकर 6,500 रुपये करने की घोषणा की है।
