किसानों की समस्या के मुद्दे पर कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने अपनी किसान यात्रा में मिले तथ्यों और जानकारियों के हवाले से देश के किसानों की स्थिति बदहाल बताई।
उन्होंने किसानों को दिए गए कर्ज को माफ करने की मांग की। राहुल गांधी के अनुसार पिछले दो साल में लगातार सूखे और कहीं-कहीं बाढ़ से किसान बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों पर समग्र कर्ज बढ़ कर 4.2 करोड़ रुपए हो गया है। इन हालात के मद्देनजर सरकार को किसानों के लिए कदम उठाना चाहिए। इस मुलाकात में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस उपाध्यक्ष से कहा, मिलते रहिए।
विमुद्रीकरण को लेकर सत्ता और विपक्ष जिस तरह से टकराव में हैं, उसके मद्देनजर प्रधानमंत्री और कांग्रेस के उपाध्यक्ष की अगुआई में प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात को चौंकाने वाला कदम माना जा रहा है। बैठक के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने कर्ज माफी, बिजली का बिल घटा कर आधा करने और खेती के उत्पाद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लाभ समेत किसानों की मांगों पर मोदी को ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, दोनों सदनों में उपनेता आनंद शर्मा और ज्योतिरादित्य सिंधिया, पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह और उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख राज बब्बर शामिल थे।
बैठक के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने उन्हें धैयपूर्वक सुना, लेकिन कोई वादा नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘हम लोगों ने देश में किसानों की दुर्दशा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पंजाब में हर रोज एक किसान खुदकुशी कर रहा है। देशभर में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए किसानों के हित में सरकार को कदम उठाने होंगे।’
राहुल ने संवाददाताओं से कहा, ‘सरकार ने गेहूं पर आयात शुल्क हटा लिया है। यह बड़ा झटका है। इसलिए हम देश के किसानों की ओर से प्रधानमंत्री से कर्ज माफी के लिए अनुरोध करने गए थे।’ राहुल ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने यह स्वीकार किया कि किसानों के हालात गंभीर है, लेकिन कर्ज माफी पर उन्होंने कुछ नहीं कहा। प्रधानमंत्री ने शिष्टमंडल की बात बेहद धैर्यपूर्वक सुनी और उनसे कहा कि मुलाकात करते रहें।’ हाल में नोटबंदी के मुद्दे पर आक्रामक हुए राहुल प्रधानमंत्री पर अक्सर निशाना साधते रहे हैं। उन्होंने बुधवार को दावा किया था कि उनके पास प्रधानमंत्री के कथित ‘निजी भ्रष्टाचार’ के संबंध में सूचना है, लेकिन भाजपा ने इसे ‘मजाक’ बताते हुए राहुल के आरोपों को खारिज कर दिया था। उत्तर प्रदेश में होने जा रहे चुनाव के मद्देनजर अपनी हाल की देवरिया से दिल्ली यात्रा के दौरान राहुल ने किसानों के मुद्दे को उठाया था।
कांग्रेस ने समूचे उत्तर प्रदेश से दो करोड़ और पंजाब से 34 लाख से अधिक ‘किसान मांग पत्र’ एकत्रित किए थे। पंजाब में भी अगले साल चुनाव होने हैं। राहुल ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की यात्रा के दौरान किसानों ने अपनी तीन मांगें सामने रखी थीं : कर्ज माफी, बिजली बिल की कटौती कर उसे आधा करने और उनके उत्पाद के लिए एमएसपी का लाभ। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने 2008 में 72 हजार करोड़ रुपए की कर्ज माफी की थी।
बाद में भी एक लाख 40 हजार करोड़ रुपए की कर्ज माफी की गई। राहुल गांधी के अनुसार एनडीए सरकार को भी उसी रूप में किसानों का कर्ज माफ करना चाहिए।
किसानों की समस्या लेकर प्रधानमंत्री से मिले राहुल
किसानों की समस्या के मुद्दे पर कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने अपनी किसान यात्रा में मिले तथ्यों और जानकारियों के हवाले से देश के किसानों की स्थिति बदहाल बताई।
Written by जनसत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली

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First published on: 17-12-2016 at 02:32 IST