दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादी मार गिराए। तीसरे ने आत्मसमर्पण कर दिया। मारा गया एक आतंकी लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर शकूर डार था। मुठभेड़ शुरू होने के साथ ही सुरक्षा कारणों से कुलगाम जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। इस दौरान मुठभेड़ स्थल पर सुरक्षा बलों और कुछ प्रदर्शकारियों के बीच झड़प में 10 प्रदर्शनकारी घायल हो गए। एक अन्य घटनाक्रम में अनंतनाग में सुरक्षा बलों ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के दो हमदर्दों (ओवरग्राउंड वर्कर) को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से ग्रेनेड बरामद किए गए।
रक्षा व गृह मंत्रालय के मुताबिक, मुठभेड़ दोपहर बाद कुलगाम जिले के चेद्दर कैमोह इलाके में तब शुरू हुई जब सीआरपीएफ और सेना के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष दस्ते के कमांडो राष्ट्रीय राजमार्ग पर अभियान चला रहे थे। आगामी 28 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक मकान में छिपे आतंकियों ने सुरक्षा बलों के गश्ती वाहन पर हमला कर दिया। मुठभेड़ के दौरान दो आतंकी मारे गए और तीसरा मकान में घिर गया। तलाशी के दौरान उसने आत्मसमर्पण कर दिया। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने ट्वीट कर बताया कि आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं।
मारे गए आतंकियों में से एक की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के डिवीजनल कमांडर शकूर डार के तौर पर हुई है। हिजबुल के दो हमदर्द गिरफ्तार : अनंतनाग जिले में रविवार को हिजबुल मुजाहिदीन के दो हमदर्द (ओवर ग्राउंड वर्कर) गिरफ्तार किए गए। इनके पास से ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि दक्षिण कश्मीर में तुलखान क्रॉसिंग पर सेना और पुलिस के जवानों को दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। तलाशी के दौरान ग्रेनेड बरामद किए गए। इनकी पहचान अवंतीपोरा के अमीन अहमद सोफी और तनवीर अहमद भट के तौर पर हुई है। ये दोनों त्राल में सक्रिय हिजबुल आतंकी हमद खान के लिए काम कर रहे थे। ये सभी गोरीवान चौक में 23 मई को हुए ग्रेनेड हमले में शामिल थे। इसमें 10 लोग घायल हुए थे।
