सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर नकारात्मक टिप्पणी करने वालों (ट्रोल्स) का शिकार हो रहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर ही मतदान करा डाला। यूं तो उन्हें देश की तमाम हस्तियों का इस मुद्दे पर समर्थन मिला, जिसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी उनके समर्थन पर ट्विटर पर राय जताई है। इसके अलावा सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल ने एक ट्रोल को जवाब देते हुए उनके और अपने परिवार के बारे में कई भावुक बातें सार्वजनिक की हैं।मगर काफी ज्यादा तादाद में लोगों ने ट्रोलिंग को भी सही करार देकर लोगों को चौंका दिया।

दरअसल, बीते कुछ दिनों से विदेश मंत्री पर मुसलिम तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए उन्हें ट्विटर पर ट्रोल किया जा रहा है। एक दिन पहले उनके पति को भी ऐसे लोगों ने ट्वीट कर विदेश मंत्री के बारे में अभद्र टिप्पणियां कीं।

सुषमा के ट्विटर मतदान में लाखों लोगों ने हिस्सा लिया और लगभग 57 फीसद लोगों ने सुषमा के समर्थन में आवाज उठाई है। वहीं 43 फीसद लोग ट्रोल्स के समर्थन में हैं। विदेश मंत्री ने रविवार को ट्विटर पर मतदान कराते हुए जो पोस्ट किया, उसमें उन्होंने लिखा, दोस्तो, मैंने कुछ ट्वीट को लाइक किया है। यह पिछले कुछ दिनों से हो रहा है। क्या आप ऐसे ट्वीट्स को सही ठहराते हैं? उन्होंने कुछ नकारात्मक ट्वीट्स को रीट्वीट किया, ताकि उन्हें लोगों के सामने लाया जा सके। इन ट्वीट्स में अलग-अलग धर्म मानने वाले दंपती को पासपोर्ट जारी करने के बाद विदेश मंत्री की आलोचना की गई।

जल्द कार्रवाई को लेकर सुषमा स्वराज और उनके मंत्रालय पर तुष्टिकरण के आरोप लग रहे हैं। ट्वीट में सुषमा की निजी जिंदगी के बारे में भी विवादित टिप्पणी की गई। उनके पति स्वराज कौशल को एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को पीटकर सिखाने की सलाह दे डाली। उस व्यक्ति को रविवार को जवाब देते हुए स्वराज कौशल ने अपने परिवार की कुछ निजी बातें शेयर करते हुए ट्वीट किया है कि उन्हें सुषमा स्वराज पर गर्व है। दूसरी ओर, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विदेश मंत्री के कामकाज की तारीफ करते हुए सोशल मीडिया पर टिप्पणी की है।

जम्मू व कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उनके समर्थन में लिखा है कि सुषमा स्वराज को सोशल मीडिया पर अनैतिक रूप से ट्रोल किया जाना चौंकाने वाला है और इससे उन्हें धक्का लगा है। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा ने कहा कि मंत्री भी ट्रोल से नहीं बच पातीं तो देश में अन्य महिलाओं के लिए क्या उम्मीद की जाए। उन्होंने सवाल किया, ‘यदि हमारी अपनी विदेश मंत्री को नहीं बख्शा जाता तो अन्य महिलाओं के लिए क्या उम्मीद है?’