वीरेंद्र सहवाग, रणदीप हुड्डा के बाद अब लेखक चेतन भगत दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में हुई मारपीट को लेकर टिप्पणी करके सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। चेतन भगत ने सोमवार (27 फरवरी) को ट्वीट किया, “मुझे राष्ट्रवाद से प्यार है लेकिन डंडे के जोर पर थोपे गए राष्ट्रवाद से मुझे नफरत है।”  एबीवीपी छात्र संगठन के लोग रामजस कॉलेज में जेएनयू के छात्र उमर खालिद को एक सेमिनार में बुलाए जाने का विरोध कर रहे थे। उमर खालिद के सेमिनार में न जाने के बावजूद छात्रों के एक गुट ने सेमिनार में गतिरोध पैदा किया था। उधर, सेमिनार रुकवाये जाने और उमर को वक्ता के तौर पर न बुलाने के विरोध में छात्र संगठन आइसा के सदस्यों ने मार्च निकाला था। इसके बाद एबीवीपी के सदस्यों ने कथित तौर पर विरोध मार्च निकाल रहे छात्रों से मारपीट की। मीडिया में इस घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद से ये मुद्दा सुर्खियों में है। इसी पर चेतन भगत ने ट्वीट कर अपनी राय जाहिर की थी।

एक यूजर विनीत सैनी ने भगत के ट्वीट के जवाब में पूछा, “क्या आपको एंटी-नेशनल के खिलाफ डंडे का इस्तेमाल गलत लगता है? जब हम कुछ गलत करते हैं तो हमारे अभिभावक डंडे का इस्तेमाल करते हैं।”  सैनी के ट्वीट का जवाब देते हुए भगत ने कहा, “भाई, अगर हम सच्चे राष्ट्रवादी हैं तो हमें कानूनी तरीकों का सम्मान करते हुए उनका इस्तेमाल करना चाहिए और लोकतंत्र में कोई किसी का अभिभावक नहीं होता।” लेकिन भगत के प्रशंसकों और दूसरे ट्विटर यूजर को उनकी बात शायद पसंद नहीं आयी।

शिव नामक एक यूजर ने भगत से पूछ, “क्या आप एंटी-नेशनलिज्म के खिलाफ डंडे का प्रयोग से नफरत करते हैं?”  अरुण राय नामक यूजर ने लिखा है, “चेतन भगत, कुछ थोपा नहीं गया। लेकिन डंडे की जगह देश का विरोध करने वालों के लिए छिले हुए बम्बू का इस्तेमाल करना चाहिए।” सुप्रिया सिंह नामक यूजर ने लिखा है, “चेतन भगत, उमर खालिद जैसे लोगों के खिलाफ इसका इस्तेमाल करना जरूरी हो जाता है।” ट्विटर यूजर जयब्रत घोष ने लिखा है, “चेतन भगत, राष्ट्रवाद भी कई बार अनुशासन की तरह थोपना जरूरी हो जाता है।”

चेतन भगत के ट्वीट से नाराज कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया है। मार्शल नामक यूजर ने लिखा है, “चेतन भगत, अंकलजी आप से राय किसने मांगी?” वहीं तर्क वाचस्पति नामक यूजर ने लिखा है, “चेतन, हमें आपकी किताबों पर बनी फिल्मों से नफरत है।” तरुण सिंह नामक यूजर ने लिखा है, ” राष्ट्रवादी होने के लिए किसी को पैसे नहीं मिलते लेकिन एंटी नेशनल को नकद पैसे मिलते हैं इसलिए ये एहतियाती कदम जरूरी है।”

ऐसा नहीं है कि सारे लोग भगत के ट्वीट से नाराज हैं। फिल्म अभिनेता कमाल राशिद खान ने भगत के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कहा, “थैंक्स, सही बयान। लेकिन कभी आप भटक जाते हो…” भगत के ट्वीट को अब तक 160 से अधिक लोग रीट्वीट कर चुके हैं।