उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पूर्व वेंकैया नायडू ने कहा है कि भारत धर्मनिरपेक्षता की सर्वोत्तम मिसाल है। उन्होंने कहा कि लोग अल्पसंख्यक और मुस्लिम मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए करते हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने दुख हो रहा है कि भारतीय आजकल तीन ‘सी’ कैश (नगदी), कास्ट (जाति), और कम्युनिटी (समुदाय) पर चल रही है जबकि इसे इन चार ‘सी’ कैरेक्टर (चरित्र)  कैलिबर (क्षमता) कैपसिटी (सामर्थ्य) और कंडक्ट (आचरण) पर चलनी चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि राजनीति का एजेंडा विकास होना चाहिए। शुक्रवार 11 अगस्त को उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे बीजेपी के इस पूर्व नेता ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे सहिष्णु देश है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कार और मूल्य हमें एक दूसरे का सम्मान करना सिखाते हैं। बता दें कि नायडू की टिप्पणी तब आई है जब उपराष्ट्रपति पद से रिटायर हो रहे हामिद अंसारी ने राज्यसभा टीवी को दिये एक इंटरव्यू में कहा था कि आजकल देश में मुस्लिम खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने वाले वेंकैया नायडू ने पत्रकारों के साथ बातचीत में देश की सांस्कृतिक विविधता की चर्चा की। उन्होंने कहा कि तमाम सांस्कृतिक विविधताओं के बावजूद हम एक देश बने हुए हैं। नायडू ने कहा, ‘अलग भाषा, अलग देश फिर भी अपना एक देश।’ इससे पहले वेंकैया नायडू ने इंडिया की भी एक परिभाषा दी थी और इसे ‘इंटिगरेटेड नेशनल डेवलपमेंट इंपैक्टिंग ऑल सिटिजन्स इकुअली’ बताया था। बता दें कि उपराष्ट्रपति चुनाव में वेंकैया नायडू ने यूपीए के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी को 244 वोटों के मुकाबले 516 वोटों से हराया था।

11 अगस्त को वेंकैया नायडू उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले हैं। वेंकैया ने हामिद अंसारी के बयान को खारिज करते हुए कहा कि ये महज राजनीतिक प्रोपेगैंडा है। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने भी हामिद अंसारी के इस बयान की आलोचना की थी। पार्टी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा था कि था मुसलमानों के लिए भारत ने बेहतर देश कोई नहीं हो सकता है और हिन्दुओं से अच्छे दोस्त उनके दूसरे नहीं हो सकते हैं।