अवैध आव्रजकों और वीजा अवधि से ज्यादा समय तक रहने वाले विदेशियों को पकड़ कर रखने के लिए विशेष हिरासत शिविर बनाने का निर्देश राज्यों को दिया गया है। गृह मंत्रालय ने राज्यों को इस आशय का निर्देश जारी किया है। अवैध रूप से घुस आए और यहां रह रहे विदेशी नागरिकों के मामले त्वरित निपटाने के लिए इस तरह की व्यवस्था की गई है। हिरासत शिविरों में रखे जाने वाले लोगों के मामलों से विदेश मंत्रालय को अवगत कराया जाएगा। पुलिस और अदालतों में कानूनी औपचारिकताओं में लगने वाला समय बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। नए साल से राज्यों को इस तरह के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। विदेशी नागरिक अधिनियम 1946 के तहत केंद्र ने राज्यों को ऐसे विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर कड़ाई से अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्रालय के अवर सचिव (विदेशी नागरिक विभाग) पीसी गुइते ने राज्यों के प्रमुख सचिवों को इस आशय का पत्र भेजा है।
इस पत्र में स्पष्ट लिखा गया है कि अफ्रीकी और बांग्लादेशी मूल के अवैध अव्राजकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वीजा लेकर आने वाले इस तरह के लोगों के अवधि बीत जाने के बावजूद वापस नहीं लौटने की शिकायतें बढ़ी हैं। इस तरह के लोगों को लेकर नशे का कारोबार, वेश्यावृत्ति, ऑनलाइन धोखाधड़ी, चोरी और डकैती जैसे मामलों की शिकायतें बढ़ी हैं। इस पत्र में गृह मंत्रालय के अधिकारी ने कहा है कि अवैध रूप से रह रहे ऐसे विदेशियों को पकड़ कर रखने के लिए विशेष हिरासत शिविरों में भेजा जाए। उनके बारे में विदेश मंत्रालय को इत्तला दी जाए, जो उनलोगों को उनके देश प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे मामलों के कानूनी औपचारिकताओं में पड़ने के बाद अदालती फैसला आने में समय लगता है। इससे उन्हें प्रत्यर्पित करने में देर होती है।
