आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह रफाल लड़ाकू विमान सौदे को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि अदालत में याचिका दायर करने से पहले उन्होंने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को अपने वकीलों के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा है। इसमें उनसे पूछा गया है कि उन्होंने रफाल विमान की खरीद से जुड़े तथ्यों की गलत जानकारी देकर देश को गुमराह क्यों किया। दूसरी ओर उन्होंने विमान कीमत की संसद में गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भ्रामे के खिलाफ राज्यसभा के महासचिव से विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी करने की इजाजत मांगी है। आप सांसद सिंह ने मंगलवार को कहा कि यदि रक्षा मंत्री सीतारमण ने उनके नोटिस का तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो वे इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।

उन्होंने कहा कि सीतारमण से इस सौदे में उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस डिफेंस को ऑफसेट पार्टनर बनाने का भी कारण पूछा गया है। क्योंकि सरकार की अपनी ही रक्षा खरीद नीति 2013 में किसी रक्षा सौदे में सिर्फ योग्य उत्पादक कंपनी को ही ऑफसेट पार्टनर बनाने की अनिवार्यता का स्पष्ट जिक्र है जबकि अंबानी की कंपनी के पास रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में कोई अनुभव नहीं है। सिंह ने कहा कि याचिका में अदालत से सरकार द्वारा 23 मार्च 2016 को किए गए रफाल सौदे को रद्द कर उसी पुराने सौदे को बहाल करने की मांग करेंगे जिसमें रक्षा उत्पाद कंपनी एचएएल को शामिल किया गया था।

कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों की ओर से इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग करने के सवाल पर आप सांसद ने कहा कि जेपीसी के गठन के लिए संसद के अगले सत्र का इंतजार करना पड़ेगा। इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने उच्चतम न्यायालय की निगरानी में इस सौदे की जांच कराने के लिये अदालत का रुख करने का फैसला किया है। उन्होंने राज्यसभा के महासचिव को लिखे अपने पत्र की प्रति जारी करते हुए कहा कि रक्षा राज्य मंत्री ने रफाल विमान की कीमत को लेकर अलग-अलग उत्तर दिए।

लोकसभा में उन्होंने कहा कि सारे उपकरण, हथियार आदि के साथ रफाल की कीमत प्रति विमान 670 करोड़ रुपए है लेकिन मार्च में राज्यसभा में उन्होंने कहा कि बगैर उपकरण और हथियारों के बगैर एक विमान की कीमत 670 करोड़ रुपए है जबकि इनका निर्माण व आपूर्ति करने वाली फ्रांस की कंपनी डसाल्ट ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में इन विमानों की कीमत प्रति विमान 1667 करोड़ रुपए बताई। सिंह ने राज्यसभा के महासचिव से इसी आधार पर रक्षा राज्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन व जानकारी के उल्लंघन का नोटिस जारी करने की इजाजत मांगी है।