नए कृषि कल्याण उपकर के पिछली तारीख से लागू होने के संबंध में भ्रांति को दूर करने के मकसद से सरकार ने कहा है कि 0.5 फीसद कर उन सेवाओं पर नहीं लगेगा जिनके लिए बिल 31 मई से पहले जारी हुए हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 के बजट में हर तरह की कर योग्य सेवाओं पर 0.5 फीसद कृषि कल्याण कर लागू करने का प्रस्ताव किया। उपकर के जरिए जुटाई गई राशि का उपयोग कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों के कल्याण के लिए होगा।
नया कर 1 जून, 2016 से लागू हुआ है। मई महीने के लिए टेलीफोन जैसी सेवाओं का बिल जून में तैयार होने के बारे में सवाल उठाए गए थे। केंद्रीय उत्पाद व सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने एक अधिसूचना में कहा कि जिन सेवाओं के लिए बिल 31 मई, 2016 से पहले तैयार हुआ था, उस पर कोई नया उपकर नहीं लगेगा। केंद्र सरकार इस बात से संतुष्ट है कि जनहित में ऐसा करना जरूरी है। इसलिए 31 मई, 2016 से पहले की सेवाओं के बिल के संबंध में कृषि कल्याण उपकर पर छूट दी जाती है। नया कर सभी कर योग्य सेवाओं पर लागू होगा। इनमें रेस्तरां बिल, यात्रा, फोन बिल आदि शामिल हैं। पिछले बजट में जेटली ने 0.5 फीसद स्वच्छ भारत उपकर लगाया था। दो अतिरिक्त कर के कारण सेवा कर की दर अब बढ़कर 15 फीसद हो गई है।
