जम्मू कश्मीर प्रशासन ने नेशनल कांफ्रेंस के लोकसभा सदस्य मोहम्मद अकबर लोन के बेटे हिलाल लोन के खिलाफ सोमवार को सख्त जन सुरक्षा कानून (पीएसए) लगाया। पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद से हिलाल लोन को एहतियातन हिरासत में रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार की सुबह उपायुक्त ने उन्हें कागजात सौंपकर बताया कि उन पर पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि केंद्र शासित क्षेत्र के प्रशासन को लगता है कि उनकी रिहाई से उत्तरी कश्मीर में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। प्रशासन ने पांच फरवरी से दो पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत कई नेताओं के खिलाफ पीएसए लगाया है।
पीएसए के तहत बंदी बनाए जाने के बाद हिलाल अकबर लोन को गुपकार रोड पर एक बंगले में बनाई गई अस्थायी सब जेल में ले जाया गया है। इससे पूर्व बीते सप्ताह प्रशासन ने नेशनल कांफ्रेंस के अली मोहम्मद सागर, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, पीडीपी के वरिष्ठ नेता सरताज मदनी, नईद अख्तर को पीएसए के तहत बंदी बनाया।
मोहम्मद अकबर लोन लोकसभा में उत्तरी कश्मीर के बारामूला का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके बेटे और नेशनल कांफ्रेंस के नेता हिलाल अकबर लोन को छह माह तक एहतियातन हिरासत में रखने के बाद सोमवार को प्रशासन ने जन सुरक्षा अधिनियम पीएसए के तहत बंदी बना लिया।
हिलाल अकबर लोन को कश्मीर घाटी में पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को लागू किए जाने के मद्देनजर प्रशासन ने नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, कांग्रेस, माकपा व अन्य दलों के प्रमुख नेताओं व कार्यकर्ताओं के संग एहतियातन हिरासत में लिया था। शुरू में उन्हें एसकेआइसीसी सेंटूर जेल में रखा गया था। बीते नवंबर माह से हिलाल अकबर लोन व कुछ अन्य नेताओं को सब जेल एमएलए हॉस्टल में रखा गया था।
