केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को यहां कहा कि अमेरिका, चीन से काफी आगे भारत का विज्ञान है। दुनिया ने अपनी अकल बढ़ाने को कभी न कभी हमारी नकल की है। राजनाथ यहां जीएलए विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की। साथ ही 12-12 मेधावियों को गोल्ड और सिल्वर मेडल प्रदान किए। इस अवसर पर राजनाथ ने कहा कि जो भारत में है वह दुनिया में कहीं नहीं है। भारत की संस्कृति और विज्ञान का लोहा पूरी दुनिया मानती है। दुनिया ने अपनी अकल बढ़ाने को कभी न कभी हमारी नकल की है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के वैज्ञानिक सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण पर बातें करते हैं लेकिन हमारे देश का ज्योतिष सबसे आगे है। 100 साल बाद चंद्रग्रहण कब होगा यह भी मथुरा के पंडित बता सकते हैं। अमेरिका, चीन से काफी आगे भारत का विज्ञान है। उन्होंने कहा कि देश के पहले ग्लोबल यूथ स्वामी विवेकानंद थे। जिन्होंने पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति का परचम लहराया है।
इससे पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह वृंदावन पहुंचे और यहां बांकेबिहारी मंदिर में विशेष पूजा अर्चना कर ठाकुरजी के दर्शन किए। मंदिर के सेवायतों ने फूल माला, पटका, भोग प्रसाद भेंट कर गृहमंत्री का स्वागत किया।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने नागरिक सुरक्षा में आमूल बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि आपदा और शांति दोनों समय में संगठन को अधिक प्रभावकारी बनाने के लिए नागरिक सुरक्षा में आमूल बदलाव लाने की जरूरत है।
नागरिक सुरक्षा और गृह रक्षक (होम गार्ड) स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, “नागरिक सुरक्षा संगठन की उपयोगिता के बारे में कोई संदेह नहीं है, क्योंकि इसने प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के समय अनेक बार राष्ट्र की सेवा की है।”

