महाराष्ट्र के पुणे में जुनार में रविवार को एक तीन साल की मादा तेंदुआ को 60 फीट गहरे कुएं से बचाया गया। तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तेंदुए को जंगल में छोड़ दिया गया। माणिकदोह तेंदुआ बचाव केंद्र और वन विभाग ने मिलकर यह कार्रवाई की और तेंदुए की जांच भी की गई। रविवार सुबह नौ बजे जुनार डिवीजन के पिंपलगांव सिद्धनाथ गांव के एक व्यक्ति ने घर के पास बने कुएं से दहाड़ सुनी। कुएं में तेंदुए को देखकर वह हैरान रह गया और उसने तुरंत वन विभाग को फोन किया। इसके बाद माणिकदोह तेंदुआ बचाव केंद्र के डॉ. अजय देखमुख सहित तीन सदस्यीय टीम और वन विभाग के छह अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से उसे बाहर निकाला गया।
डॉ. देशमुख ने बताया, ”तेंदुआ डरा हुआ था और उसे तुरंत बचाया गया। टीम ने पहले कुएं में प्लेटफॉर्म नीचे किया और उसे पानी से बाहर किया।। इसके बाद पिंजरा नीचे किया और सफलतापूर्वक उसे बाहर निकाल लिया। इसके बाद डॉक्टर्स ने उसकी जांच की और जंगल में छोड़ दिया।” जुनार डिवीजन के वन कर्मी रमेश खरमाले ने कहा, ”कवर की कमी से महाराष्ट्र के गांवों में कई कुएं खुले पड़े हैं। इसके चलते जंगली जानवरों के इनमें गिरने का खतरा रहता है।”
