हिमाचल प्रदेश के सोलन में भूकंप के हल्‍के झटके महसूस किए गए। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार भूकंप के झटकों की तीव्रता 3.0 थी। ये झटके शाम छह बजकर चार मिनट पर महसूस हुए। हाल के दिनों में देश में फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। पिछले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्‍सों में हल्‍के झटके रिकॉर्ड हुए हैं। इससे पहले गुजरात में रविवार (17 जुलाई) को मध्यम तीव्रता का भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 मापी गई। मणिपुर के चंडेल में भी सुबह आठ बजकर एक मिनट पर 3.2 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया।

हाल ही में जारी हुई एक रिपोर्ट के अनुसार देश के पूर्वी हिस्‍से को भूकंप से भारी खतरा है। रिपोर्ट के अनुसार बांग्‍लादेश के नीचे एक भयंकर भूकंप बन रहा है। एक नए शोध में यह चेतावनी दी गई है कि यह भूकंप पूर्वोत्‍तर भारत के कई शहरों को बर्बाद कर सकता है। Nature Geoscience जर्नल में छपे शोध में वैज्ञानिकों का कहना है उनके पास दुनिया के सबसे बड़े नदी डेल्‍टा के नीचे की दो टेक्‍टॉनिक प्‍लेट्स के पास बढ़ते तनाव के सबूत हैं। उनका अनुमान है कि अगर तनाव की सीमा टूटती है तो इस क्षेत्र के कम से कम 140 मिलियन लोगों पर असर पड़ेगा। सिर्फ कंपन के सीधे प्रभाव से विनाश नहीं होगा, बल्कि महान नदियों के रास्‍तों, समुद्र तट के करीब की जमीन में व्‍यापक दौर पर बदलाव आ जाएगा। यह नया खतरा एक सबडक्‍शन जोन है। जहां पृथ्‍वी के क्रस्‍ट का एक हिस्‍सा, या फिर एक टेक्‍टॉनिक प्‍लेट किसी दूसरे को धक्‍का देती है।