जम्मू कश्मीर में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंपोर में एक भीड़भाड़ वाले स्थान पर सेना के एक काफिले पर शनिवार हुए एक आतंकवादी हमले में तीन सैनिक शहीद हो गए और दो अन्य घायल हो गए। सेना के एक अधिकारी ने कहा, ‘पंपोर में एक काफिले पर हुए आतंकवादी हमले में तीन सैनिक शहीद हो गए। तलाशी अभियान जारी है।’ उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हमले में दो सैनिक घायल भी हुए हैं। हमला दोपहर में पुलवामा जिले के पंपोर नगर में कदलाबाल में एक भीड़भाड़ वाले स्थान पर किया गया।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने संयम बरता और नागरिकों को हताहत होने से बचाने के लिए जवाबी कार्रवाई नहीं की। अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आयी है कि संभव है कि आतंकवादियों ने इस भीषण हमले के लिए मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया हो। अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों को पकड़ने के लिए आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी है। आतंकवादियों की ओर से हमला तब किया गया जब सेना का काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था।

बता दें, इससे पहले मणिपुर में इंफाल के नुंगकाओ गांव में 7 आईआरबी की चौकी पर हमला उग्रवादी हमला हुआ था। यह हमला नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (एनएससीएन) ने किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चौकी पर हमला करने के बाद उग्रवादी करीब 20 हथियार लूट कर ले गए। मणिपुर में भी सेना और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है।

गौरतलब है कि इंफाल शहर में शुक्रवार (16 दिसंबर) को रात एक घंटे के दौरान श्रंखलाबद्ध कई विस्फोट हुए। पुलिस ने शनिवार (17 दिसंबर) को बताया कि शुक्रवार (16 दिसंबर) रात आठ बजे के करीब 20-20 मिनट के अंतराल पर हुए विस्फोट में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

इंफाल शहर के बीच में स्थित नगारम के बेहद भीड़भाड़ वाले फेयरीलैंड इलाके में शुक्रवार रात करीब आठ बजे एक ठेकेदार शंगरीहान मुइवा के आवास पर पहला आईएडी विस्फोट हुआ। विस्फोट में खिड़की के शीशे और घर के कुछ अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचा। स्थानीय मीडिया ने दावा किया कि शंगरीहान मुइवा एनएससीएन (आईएम) के प्रमुख थुइंगालेंग मुइवा के बड़े भाई हैं। सरकारी सूत्रों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।