कश्मीर को देर से दिए गए ईद के उपहार में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने गुरुवार को वादा किया कि वे विस्टाडोम (पारदर्शी शीशे वाली) ट्रेन सेवा शुरू करेंगे, जिसमें कश्मीरी पकवान ‘वाजवान’ परोसा जाएगा। यहां शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन परिसर में एक कार्यक्रम में प्रभु ने कहा, “पर्यटकों को कश्मीर घाटी की सुदंरता का आनंद लेने की जरूरत है और प्रस्तावित ट्रेन उनके आनंद को और बढ़ाएगा।”
मंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (जो कार्यक्रम में मौजूद थीं) से घाटी में रेलवे के माध्यम से पर्यटन सुविधाओं में बढ़ोतरी के तरीकों पर बात की है। उन्होने कहा, “हम यहां विस्टाडोम सेवा शुरू करेंगे। हमने हमारे कोच फैक्टरियों को इसका आर्डर दे दिया है।”
यह कार्यक्रम बारामूला-काजीगुंड रेल खंड पर पांच नए रेलवे हॉल्ट स्टेशन की रिमोट कंट्रोल से आधारशिला रखने के लिए आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में रेल मंत्री से पुलवामा जिले के बाटापोरा में भी हाल्टिंग स्टेशन बनाने का अनुरोध किया, जिस पर प्रभु ने विचार करने का वादा किया।
इससे पहले रेल मंत्री ने 13 जून को घोषणा किया था कि अगले पांच वर्षों में मिशन रेट्रो-फिटमेंट के तहत 40,000 रेल डिब्बों का कायाकल्प किया जाएगा, ताकि बेहतर सुविधाओं और सुरक्षा के साथ यात्रियों की यात्रा अनुभव को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा, “यह दुनिया की सबसे बड़ी रेट्रो-फिटमेंट परियोजनाओं में से एक है, क्योंकि इसके तहत भारतीय रेल के 40,000 डिब्बों का कायाकल्प किया जाएगा और अगले पांच वर्षों में उनका पुनर्नवीनीकरण किया जाएगा।”
प्रभु ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए बैलेंस ड्राफ्ट गियर के साथ सेंटर बफर कम्प्लर लगाया जाएगा, जिसकी एंटी-क्लाइम्बिंग सुविधा दुर्घटना के दौरान जीवन और संपत्ति को नुकसान से बचाएगा। यह पटरी से उतारने या दुर्घटना की स्थिति में कोच को ट्रेन से अलग होने से रोकेगा।
उन्होंने कहा कि इसे 35,000 पुराने कोचों और 15,000 नए इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) कोच में लगाया जाएगा। मिशन रेट्रो-फिटमेंट के लिए रेलवे ने 15,000 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है।

