उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक 14 वर्षीय नाबालिग रेप पीड़िता को जबरन गर्भपात कराने के लिए मजबूर करने की घटना सामने आई है। नाबालिग युवती को पेट में दर्द हुआ तो परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां लड़की के 5 माह की गर्भवती होने का खुलासा हुआ। पीड़िता से जब परिजनों ने पूछताछ की तो उसने अपने ही गांव के रहने वाले मोहम्मद यूनुस नाम के युवक द्वारा उसके साथ फरवरी से अप्रेल के बीच कई बार रेप करने का आरोप लगाया।

पुलिस के मुताबिक, ‘कुछ स्थानीय लोग बेहोश हालत में नाबालिग लड़की को लेकर कोलवाली देहात पुलिस स्टेशन पहुंचे। वे अपने साथ प्लास्टिक की एक थैली में 5 माह का भ्रूण भी ले आए थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि आरोपी के घर वालों ने गांव में ही स्थित एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक पर लड़की का जबरन गर्भपात करा दिया।’

आरोपी युवक भाईपुरा गांव का रहने वाला है और पीड़िता का पड़ोसी है। वह गुजरात में नौकरी करता था और इस साल की शुरूआत में वापस आया था। कथित रूप से वह नाबालिग का साढ़े छह महीने से रेप कर रहा था और उसे डरा-धमकाकर अब तक उसका मुंह बंद किए हुए था।

बुलंदशहर सिटी सर्कल आॅफिसर, धर्मेंद्र कुमार यादव ने बताया ‘पीड़िता गरीब परिवार से है और कुछ साल पहले उसके पिता की भी मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पेट में दर्द के बाद पीड़ित लड़की ने गर्भवती होने की बात अपनी मां से बताया, जिसके बाद मां नाबालिग के साथ आरोपी युवक के घर पहुंची। आरोपी यूनुस की मां ने लड़की की मां को 1000 रुपए दिए और पीड़िता का गर्भपात कराने की गुहार लगाई। फिर लड़की की मां और आरोपी के परिजन उसे लेकर एक झोलाछाप क्लिनिक पुहंचे और उसका गर्भपात करा दिया।’

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यादव ने बताया कि पुलिस ने गर्भपात में शामिल दो झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ आईपीसी की धारा 313 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, आरोपी यूनुस के उपर पास्को एक्ट के अंतर्गत रेप का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी युवक की मां पर भी पीड़िता के परिवार को धमकाने तथा लड़की को उसकी इच्छा के विरूद्ध गर्भपात करने पर मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। इस मामले में सोमवार शाम तक आरोपी युवक की गिरफ्तारी नहीं हो पायी थी।

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कोतवाली देहात पुलिस ने पीड़ित पक्ष का बयान सुनने के बाद इस बारे में स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी, जिसने गर्भपात करने वाले नर्सिंग होम को सीज कर दिया है। बुलंदशहर के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर दीपक कुमार ने बताया की इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद गर्भपात करने वाले क्लिनिक को सील कल दिया गया है। उन्होंने बताया कि पीड़िता अभी कमजोर है और उसका इलाज चल रहा है।