डेरा सच्चा सौदा समिति के सिरसा आश्रम में साल 2002 में वहां रह रही एक साध्वी से बलात्कार करने के दोषी करार दिए गए गुरमीत राम रहीम सिंह को अदालत सोमवार को सजा सुनाएगी। इसके लिए पंचकूला की सीबीआई कोर्ट के जज जगदीप सिंह हेलीकॉप्टर से सीधे रोहतक जेल पहुंचेंगे। वहां दोपहर करीब 1 बजे दोषी गुरमीत राम रहीम सिंह की मौजूदगी में जज सजा सुनाएंगे। सुरक्षा कारणों से सरकार ने रोहतक जेल में ही सीबीआई की विशेष अदालत लगाने का फैसला किया है। इस दौरान केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार से विशेष अदालत के जज को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करने को कहा है। केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय ने हरियाणा सरकार से कहा कि खतरे की आशंका के मद्देनजर जज जगदीप सिंह को उच्चतम स्तर की सुरक्षा मुहैया की जानी चाहिए।
गुरमीत राम रहीम को दुष्कर्म मामले में दोषसिद्ध अपराधी करार दिए जाने के बाद, डेरा समर्थकों द्वारा बड़े पैमाने पर की गई हिंसा को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने शनिवार को कहा कि जेल में बंद राम रहीम को सोमवार को सजा सुनाने के लिए पंचकूला नहीं लाया जाएगा। कोर्ट ने शुक्रवार को साल 2002 के दुष्कर्म मामले में डेरा प्रमुख को दो महिला शिष्याओं के साथ यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया था। इस मामले में 50 वर्षीय धार्मिक नेता को 28 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी।
अपराधी सिद्ध होने के बाद राम रहीम को रोहतक जेल ले जाने के लिए हरियाणा सरकार ने विशेष रूप से हेलीकॉप्टर का प्रबंध किया था। उसे सानोरिया के जिला जेल में रखा गया है, जो रोहतक से 10 किलोमीटर की दूरी पर है। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक बी. एस. संधू ने चंडीगढ़ में मीडिया को बताया कि डेरा प्रमुख को सजा सुनाने के लिए सुरक्षा कारणों से पंचकूला नहीं लाया जाएगा। डीजीपी ने कहा, “उसे वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सजा सुनाई जा सकती है, या जरूरत पड़ी तो अदालत को वहां (रोहतक जेल में) लगाया जाएगा।”
हरियाणा के मुख्य सचिव डी. एस. देसाई ने उन खबरों को खारिज किया कि दोषसिद्ध अपराधी धार्मिक गुरु को जेल में राज्य प्रशासन और पुलिस द्वारा वीआईपी सुविधा दी जा रही है। डीजीपी और मुख्य सचिव ने हालांकि इसके बारे में सफाई नहीं दी कि डेरा प्रमुख की बेटी का दावा करने वाली एक महिला को धर्मगुरु को हिरासत में लेने के बाद हेलीकॉप्टर में जेल ले जाने के दौरान साथ ले जाने की अनुमति क्यों दी गई। बता दें कि पंचकूला की सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया था। इसके बाद डेरा समर्थकों ने शुक्रवार को हिंसा की और उत्पात मचाया, जिसमें 29 लोगों की मौत हो गई, वाहनों को जलाया और करोड़ों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।
