साल 2014 में अपने कर्मचारियों को दिवाली के बोनस के रूप में कार, मकान और ज्वैलरी देने वाले सूरत के हीरा कारोबारी सवजी ढोलकिया एक बार फिर अपने कर्मचारियों को कार और मकान दिवाली बोनस के रूप में दिया है। ढोलकिया इस बार 400 फ्लैट और 1,260 कारें और 56 कर्मचारियों गिफ्ट की हैं। ढोलकिया की कंपनी हरेकृष्णा एक्सपोर्ट इस साल कर्मचारियों को दिवाली बोनस देने के लिए 51 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक हरेकृष्णा एक्सपोर्ट के चेयरमैन सवजी भाई ने मंगलवार को इसकी घोषणा की थी। बता दें, साल 2014 में ढोलकिया ने दिवाली बोनस के रूप में अपने 1300 से ज्यादा कर्मचारियों को कार, मकान और ज्वैलरी दी थी। साल 2015 में कंपनी ने 491 कारें और 200 फ्लैट गिफ्ट किए थे। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि जिन कर्मचारियों को पहले कार और मकान मिल गए हैं, उन्हें इस बार इस लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। जिन कर्मचारियों को यह बोनस दिया जा रहा है, उनमें करीब 1200 कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी तनख्वाह दस हजार से 60 हजार रुपए तक है।
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Gujarat: A diamond trader from Surat gifts cars and houses to his workers as Diwali gifts pic.twitter.com/ZGgDYUyJPz
— ANI (@ANI) October 27, 2016
सवजी ढोलकिया साल 2014 के बाद एक बार फिर जुलाई 2016 में चर्चा में आए थे। ढोकलिया ने अपने बेटे को ‘जिंदगी के गुर’ सीखाने के लिए उससे 4000 रुपए महीने की नौकरी करवाई थी। ढोलकिया 6 हजार करोड़ के मालिक हैं और उनका बिजनेस 71 देशों में फैला हुआ है। उनका बेटा धृव्य 21 साल का है। वह यूएस में MBA कर रहा है और छुट्टियां मनाने के लिए भारत आया था। ढोलकिया ने धृव्य से कहा कि उसे अपने दम पर कुछ करने के लिए कहीं जाना चाहिए जहां उसे कोई जानता ना हो। इस पर धृव्य ने कोच्चि जाने का फैसला किया जहां ना तो कोई उसे जानता था और वहां की भाषा भी अलग थी। धृव्य को उसके पिता ने तीन जोड़ी कपड़े और 7 हजार रुपए दिए थे। यह पैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए नहीं थे बल्कि बुरे वक्त के लिए थे। धृव्य ने बताया था कि उसने पहली नौकरी बेकरी में की थी और उसके बाद McDonald में काम किया। वहां उसकी सैलरी 4 हजार रुपए थी।
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इसके साथ ही ढोलकिया ने अपने बेटे के सामने तीन शर्त रखी थीं। पहली यह थी कि वह एक हफ्ते से ज्यादा कहीं काम नहीं करेगा, दूसरी यह कि वह कहीं पर भी अपने पिता के नाम का इस्तेमाल नहीं करेगा। तीसरा यह कि वह ना तो मोबाइल इस्तेमाल करेगा और ना ही दिए गए 7 हजार रुपए।
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