मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को गेस्ट टीचरों की तनख्वाह बढ़ाने की घोषणा की। इस घोषणा से सीटीईटी (केंद्रीय अध्यापक पात्रता परीक्षा) पास 15,000 अतिथि शिक्षकों को सैलरी में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा, साथ ही उन्हें अब हर महीने एक तय वेतन मिलेगा। सरकार के फैसले के अनुसार उन्हें सालाना आठ आकस्मिक छुट्टियों का भी लाभ मिलेगा। इसके साथ ही सीटीईटी पास नहीं करने वाले गेस्ट शिक्षकों को भी सैलरी में 44 फीसद तक की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। अतिथि शिक्षकों के संबंध में दिल्ली कैबिनेट के गुरुवार को लिए गए फैसले को यदि उपराज्यपाल से जल्द मंजूरी मिल जाती है तो यह उनके लिए नए साल का तोहफा साबित होगा। कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘फैसले की फाइल मंजूरी के लिए उपराज्यपाल नजीब जंग के पास भेजी जाएगी और यदि उनकी मंजूरी मिल जाती है तो अगले महीने से अतिथि शिक्षकों को बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी।’
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने कुल 17,000 अतिथि शिक्षकों के वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सीटीईटी पास शिक्षकों के लिए आठ आकस्मिक छुट्टियां भी मंजूर की गई हैं और उन्हें अब हर महीने का तय वेतन मिलेगा। वहीं जो सीटीईटी पास नहीं हैं उन्हें दैनिक हिसाब से वेतन मिलेगा, लेकिन उनकी सैलरी भी अच्छी खासी बढ़ाई गई है।’ सरकार के फैसले के अनुसार सीटीईटी पास अतिथि शिक्षकों के वेतन में 90 फीसद तक और सीटीईटी नहीं पास अतिथि शिक्षकों के वेतन में 44 फीसद तक बढ़ोतरी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय दिल्ली सरकार के स्कूलों में कुल 17,000 गेस्ट टीचर्स हैं जिनमें से 15,000 सीटीईटी पास हैं। उन्होंने कहा कि शेष 2000 अतिथि शिक्षकों को सीटीईटी पास करने के दो अवसर दिए जाएंगे। यदि वे सफल रहते हैं तो उन्हें भी सीटीईटी पास अतिथि शिक्षकों की तरह तय वेतन और छुट्टियां मिलेंगी।
दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद अब सहायक प्राथमिक शिक्षकों (सीटीईटी) को प्रतिदिन 700 रुपए के हिसाब से 17,500 रुपए मासिक की जगह 32,200 रुपए मिलेगा, जबकि टीजीटी, जिनका वेतन प्रतिदिनि 800 रुपए के हिसाब से 20,000 रुपए महीने बनता है, उन्हें अब 33,120 रुपए मिलेंगे। इसी तरह, पीजीटी को 22,500 रुपए मासिक की जगह 34,100 रुपए मिलेंगे और विशेष शिक्षा शिक्षकों को 20,000 की जगह 33,120 रुपए मिलेंगे।
वहीं नॉन-सीटीईटी सहायक प्राथमिक शिक्षकों को अब रोजाना 700 की जगह 1000 जबकि टीजीटी को रोजाना 800 की जगह 1050 रुपए मिलेंगे। चित्रकला, लाइब्रेरियन आदि के शिक्षकों को रोजाना 800 रुपए की जगह 1050 और विशेष शिक्षा शिक्षकों को भी रोजाना 800 की जगह 1050 रुपए मिलेंगे।
अभी तक सभी 17,000 गेस्ट टीचरों को दैनिक आधार पर पैसे मिलते हैं। साथ ही वे किसी तरह के आकस्मिक, मातृत्व या अन्य छुट्टियों के हकदार नहीं हैं। शिक्षा निदेशालय अपने स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अतिथि शिक्षकों को दैनिक आधार पर तैनात करता रहा है। दिल्ली सरकार ने कहा कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता आधारित शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने में यह एक अहम कदम है।