तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने छोटे बच्चों में बहरेपन की पहचान के लिए एक पायलट परियोजना सहित सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हुए आज कई घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने स्वत: संज्ञान लेते हुए विधानसभा में ये घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि अगर उम्र के शुरू में ही बहरेपन का समाधान कर लिया जाए तो इस समस्या को दूर किया जा सकता है और इसलिए इस संबंध में चेन्नई एवं शिवगंगा जिलों में एक पायलट परियोजना शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि करीब 3.30 करोड़ रूपये की लागत वाली इस परियोजना को चेन्नई के 11 अस्पतालों और शिवगंगा जिले के तीन अस्पतालों में लागू किया जाएगा। दृष्टिबाधित व्यक्तियों के कल्याण के लिए इस साल 5,000 ऐसे अक्षम व्यक्तियों को अत्याधुनिक चमकीली, फोल्ड करने योग्य विशेष छड़ियां वितरित की जाएंगी।
इससे उन्हें समुचित दूरी से पहले ही वस्तुओं के आकलन में मदद मिलेगी। जयललिता ने बताया कि विशिष्ट बच्चों की परेशानियों के समाधान एवं बातचीत में मदद के मकसद से उनके कल्याण के लिए सरकार 416 ऐसे लाभार्थियों को विशेष सॉफ्टवेयर से युक्त आई-पैड प्रदान करेगी।

