बिहार में शराबबंदी के दो साल पूरे होने पर 05 अप्रैल, गुरुवार को राजधानी पटना में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके जीते जी शराब से होनेवाली मौतें नहीं होने दी जाएंगी। मगर उनके एलान के 24 घंटे के अंदर ही गोपालगंज जिले के मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के नशे में धुत्त पुलिसकर्मी ने वैन से कुचलकर एक गर्भवती महिला की जान ले ली। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस पुलिस वाहन से कुचलकर महिला की मौत हुई, उस वाहन से मुर्गा और शराब की बोतल भी मिली है। पुलिस के अनुसार, मोहम्मदपुर थाना पुलिस अपने वाहन से गश्त कर रही थी, तभी पुलिस की वाहन की चपेट में आने से सड़क से गुजर रही गर्भवती महिला किरण देवी (25) की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस वाहन भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिस पुलिस वाहन से कुचलकर महिला की मौत हुई है, उस वाहन से शराब की बोतलें और मुर्गा बरामद हुए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस की गश्त पार्टी कहीं जश्न मनाने जा रही थी, इसी बीच यह घटना हो गई। घटना के दौरान पुलिस वालों ने शराब पी रखी थी, जिसकी वजह से हादसा हुआ।

इधर, गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक रविरंजन कुमार ने पूरे मामले की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच चल रही है और दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके ऊपर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस बीच घटना से गुस्साए लोगों ने मोहम्मदपुर-मलमलिया मुख्य सड़क को जाम कर प्रदर्शन किया। अधिकारियों के समझाने के बाद मामला शांत हुआ।

शराबबंदी को सफल बनाने में जुटा राज्य सरकार का उत्पाद विभाग और पुलिस विभाग अक्सर आपस में ही उलझ पड़ता है। हैरत की बात ये है कि राज्य में कभी खाकीधारी खुद शराब पीते पकड़ा जाता है तो कभी खादीवालों के लिए शराब की तस्करी करते। शराबबंदी की राह में एक और बड़ी परेशानी है। दो दिन पहले ही बक्सर पुलिस लाइन के एक जमादार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था जो एक हाथ में शराब से लबालब गिलास थामे हुए है और दूसरे हाथ से चिकेन खा रहा था।