प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के सदस्यों ने बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन के प्रबंधक को एक पत्र भेजकर 20 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की है। पैसा नहीं दिए जाने पर 10 दिनों के अंदर स्टेशन भवन उड़ा देने की धमकी भी दी है। सासाराम रेलवे स्टेशन के प्रबंधक उमेश कुमार ने बुधवार को बताया कि उनके कार्यालय में साधारण डाक से एक पत्र मंगलवार को आया है। वह पत्र किसी कांग्रेसी नेता अंजनी कुमार सिंह के पैड पर लिखा गया है। पत्र में भाकपा (माओवादी) संगठन ने 20 लाख रुपये रंगदारी की मांग की है। रुपये नहीं देने पर 10 दिनों के अंदर सासाराम रेलवे स्टेशन विस्फोट कर उड़ा देने की धमकी भी दी गई है।
प्रसाद ने बताया कि पत्र में झारखंड के गिरिडीह जिले के श्मसान रोड का पता लिखा हुआ है। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी सासाराम रेल थाने को दे दी गई है। सासाराम रेल थाने के प्रभारी ज्योति प्रकाश ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्ट्या पत्र फर्जी लग रहा है, परंतु एहतियातन पत्र में दिए गए पते की सत्यता की जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय कि इससे इसी महीने ऐसा ही धमकी भरा पत्र गया रेलवे स्टेशन प्रबंधक को भी भेजा गया था। गुरुवार (25 अक्टूबर) को देर रात गया स्टेशन के स्टेशन मास्टर को एक पत्र मिला था। ये पत्र झारखंड के एक कांग्रेस नेता के लेटरहेड पर लिखा गया था।
पत्र में पते के तौर पर अनंत कुमार सिन्हा, भाकपा माओवादी संगठन, झारखंड बरमासिया श्मशानघाट रोड गिरिडीह लिखा हुआ था। पत्र में दावा किया गया था कि अगर रेलवे ने 10 दिनों के भीतर 20 लाख रुपये की रंगदारी अदा नहीं की तो स्टेशन को उड़ा दिया जाएगा। पत्र में ये भी धमकी दी गई कि रेलवे की मददगार गया पुलिस और झारखंड पुलिस कोई मदद नहीं करेगा। क्योंकि माओवादी पुलिसकर्मियों की हर तरह से मदद करते है। इस पत्र के मिलने के बाद स्टेशन मास्टर ने रेलवे थाने में नक्सलियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।

