बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप ने जेल में बंद अपने पिता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद से झारखंड के रांची में बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में सोमवार (29 जनवरी) को मुलाकात की और बाद में उनके साथ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत गए। लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेज प्रताप के साथ 30 मिनट की इस मुलाकात के दौरान बिहार के जनता दल (युनाइटेड) के नेता उदय नारायण चौधरी भी थे। यह पहली बार है कि चारा घोटाले के एक मामले में 23 दिसंबर को जेल भेजे जाने के बाद तेज प्रताप ने अपने पिता से मुलाकात की है। बाद में, तेज प्रताप बिहार के देवघर कोषागार से फर्जी तरीके से 139.35 करोड़ रुपये निकाले जाने के एक मामले की सुनवाई के लिए लालू यादव के साथ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत गए।

सीबीआई दैनिक आधार पर चलने वाले इस मामले में गवाहों को पेश कर रही है। लालू प्रसाद को इससे पहले चारा घोटाले के तीन अन्य मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। इससे पहले 24 जनवरी को उन्हें चारा घोटाले के एक मामले में दोषी ठहराया गया था और तीन वर्षो की सजा सुनाई गई थी।

बता दें कि तेज प्रताप अपने पिता से मिलने के लिए रविवार को ही रांची पहुंच गए थे लेकिन उनकी मुलाकात सोमवार को तय हुई थी। लिहाजा, उन्होंने रविवार को झारखंड के नेता विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं की बातचीत का सिलसिला चाय बिस्किट से शुरू हुआ जो दोनों राज्यों की राजनीति पर जाकर व्यापक चर्चा का रूप ले लिया। तेज प्रताप ने कहा कि दोनों ही राज्यों में सामंती सरकारों ने डेरा डाल रखा है। इसके खात्मे के लिए समाजवादी ताकतों को फिर से एकजुट होना होगा। तेज प्रताप यादव ने इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें अपने ट्विटर अकाउंट पर भी साझा की हैं।